मैक्सिको के दक्षिणी राज्य चियापास (Chiapas) के तट के पास शुक्रवार को 7.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। जिसके बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली (US Tsunami Warning System) ने प्रशांत महासागर के कुछ तटीय इलाकों के लिए सुनामी अलर्ट जारी कर दिया। चेतावनी में समुद्र के जलस्तर में खतरनाक बदलाव और तटीय क्षेत्रों में ऊंची लहरों की आशंका जताई गई। इस अलर्ट से करीब 10 लाख लोगों के प्रभावित होने की संभावना बताई गई है। भूकंप के झटके ग्वाटेमाला और अल सल्वाडोर सहित मध्य अमेरिका के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र मैक्सिको के प्यूर्टो मादेरो (Puerto Madero) शहर के पास था। इसकी गहराई जमीन से केवल 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई जिसे उथला भूकंप माना जाता है। कम गहराई होने के कारण आसपास के क्षेत्रों में तेज झटके महसूस किए गए। इसके बाद प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की। जबकि, राहत एवं आपदा एजेंसियों ने स्थिति का आकलन शुरू कर दिया।
7.3 तीव्रता का भूकंप मेजर अर्थक्वेक की श्रेणी में आता है जो इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ सुनामी और भूस्खलन जैसी द्वितीयक आपदाओं का कारण बन सकता है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मैक्सिको या पड़ोसी देशों से किसी बड़े जान-माल के नुकसान या व्यापक तबाही की सूचना नहीं मिली है। अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
यह भूकंप प्रशांत महासागर के पैसिफिक रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में आया। जिसे दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है। लगभग 40,000 किलोमीटर तक फैले इस क्षेत्र में दुनिया के करीब 75 प्रतिशत सक्रिय और निष्क्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं। जबकि, दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप इसी इलाके में दर्ज किए जाते हैं।
भूकंपीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले 30 दिनों में इस क्षेत्र में कुल 22 भूकंप दर्ज किए गए हैं। शुक्रवार का 7.3 तीव्रता का भूकंप इस अवधि का सबसे शक्तिशाली झटका रहा। इसके बाद अधिकारियों ने समुद्र में तेज धाराएं, ऊंची लहरें और तटीय बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
हालांकि, बाद में अमेरिकी राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र (US National Tsunami Warning Center) ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के पश्चिमी तट, ब्रिटिश कोलंबिया और अलास्का के लिए किसी भी तरह का सुनामी खतरा नहीं है। इसके बाद प्रशांत क्षेत्र में संभावित व्यापक असर को लेकर बनी चिंता काफी हद तक कम हो गई।