तेहरान। ईरान में सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज हो गए हैं। यह आंदोलन महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन अब यह खामेनेई की सत्ता को चुनौती देने वाला सबसे बड़ा विरोध बन गया है। इस जन विद्रोह के बीच एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आया है। ईरानी महिलाओं के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरों से सिगरेट जलाने वाले विजुअल लगातार सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं।

युवतियों द्वारा शुरू किया गया यह ट्रेंड इस्लामिक देश में विरोध का प्रतीक बन गया है, जो महिलाओं पर सख्त पाबंदी के लिए जाना जाता है। ईरानी महिलाएं अंजाम की परवाह किए बिना अली खामेनेई की तस्वीर जला रही हैं और फिर उससे सिगरेट सुलगाते हुए वीडियो बना रही हैं। यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है, जब 86 साल के खामेनेई के खिलाफ लोग बिना अंजाम की परवाह किए सड़कों पर उतर रहे हैं। ये प्रदर्शन मंहगाई और अर्थव्यवस्था की बिगड़ती हालत को लेकर शुरू हुए थे। लेकिन जल्द ही खामनेई शासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन में बदल गए।

सड़कों पर खामेनेई मुर्दाबाद के नारों के बीच सुप्रीम लीडर की जलती हुई तस्वीर से सिगरेट सुलगाती महिलाओं की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। ईरानी कानून के अनुसार, सु्प्रीम लीडर की तस्वीरों को जलाना या खराब करना एक गंभीर अपराध है। इसके साथ ही ईरान के सामाजिक और धार्मिक नियमों के तहत सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के धूम्रपान करने को लंबे समय से प्रतिबंधित किया गया है।

हालांकि, इस तरह का विरोध नया नहीं है। 2022 में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी ऐसा ही देखा गया था। 22 साल की महिसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद ईरान में भीषण प्रदर्शन शुरू हो गए थे। अमिनी को ईरानी अधिकारियों ने अनुचित कपड़े पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस बार भी विरोध के नए ट्रेंड को महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए हिजाब विरोधी प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। यह प्रतीकात्मक विरोध ना सिर्फ ईरान की राजनीतिक सत्ता को चुनौती देता है, बल्कि महिलाओं पर लागू सख्त सामाजिक और धार्मिक नियमों के खिलाफ भी खुला संदेश है। यह ट्रेंड ऐसे समय सामने आया है जब ईरान गंभीर आर्थिक संकट, बढ़ते जन आक्रोश और हिजाब कानून के कड़े पालन को लेकर नए सिरे से विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है।

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 217 लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। टाइम मैगजीन ने तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से बताया कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें ज्यादातर की मौत गोली लगने से हुई हैं। सुरक्षा बलों ने गुरुवार रात प्रदर्शन तेज होने पर कई जगहों पर गोलीबारी की थी, इसके बाद से लगातार कार्रवाई जारी है। इससे पहले सरकार ने देशभर में इंटरनेट और फोन सर्विस लगभग बंद कर दी। उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो ईरानी सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।