वॉशिंगटन। अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में अपन दो फाइटर जेट और दो हेलीकॉप्टर खो दिए हैं। जबकि उसके एफ-15 लड़ाकू विमान का पायलट अभी भी लापता है। ईरान के अंदर उसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। रात भर डोनाल्ड ट्रंप वाइट हाउस के ओवल ऑफिस में अपने अधिकारियों के साथ बैठक करते रहे और युद्ध का जायजा लेते रहे। ट्रंप ने ईरान युद्ध को जितना आसान समझा था वो उतना ही ज्यादा मुश्किल साबित हो रहा है। ईरान अभी तक अमेरिका के दो एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट पर हमला कर चुका है, एक अवाक्स विमान को तबाह कर चुका है और पिछले 24 घंटे में दो विमानों को मारकर गिरा चुका है।

अमेरिका से आने वाली कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एफ-15 फाइटर जेट गिरने और पायलट के गायब होने के बाद ट्रंप इस युद्ध को और तेज कर सकते हैं। जबकि युद्धविराम की कोई संभावना दिख नहीं रही है। हालांकि ट्रंप ने कहा है कि फाइटर जेट गिरने से युद्धविराम पर चल रही बात पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन पिछले 24 घंटे में जो कुछ हुआ है उसने ईरान में अमेरिकी वायुसेना के वर्चस्व के दावे को खोखला साबित कर दिया है।

हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि गिरने वाला पहला फाइटर जेट F-35 नहीं बल्कि F-15E है। वहीं, दूसरा A-10 एयरक्राफ्ट किसी तरह कुवैत के हवाई क्षेत्र तक पहुंच गया, जहां पायलट ने इजेक्ट कर लिया। पायलट सुरक्षित है, लेकिन विमान कुवैत में क्रैश हो गया। दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टर, जो रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे थे, उन पर भी ईरान ने हमला किया, जिससे ये हेलीकॉप्टर तबाह हो गए। लेकिन उनमें सवार सैनिक सुरक्षित हैं। यानी अमेरिका के लिए हालात ऐसे हो गए हैं कि अमेरिकी सेना अपने ही पायलट को बचाने निकली और खुद हमले का शिकार बन गई।

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने भी अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि जो देश खुद को जीतता हुआ बता रहा था, अब वह अपने पायलट को ढूंढने के लिए भटक रहा है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे थे कि अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह कमजोर कर दिया है और आसमान पर उसका दबदबा कायम है।