भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित जंबूरी मैदान पर ग्राम रोजगार सहायकों का सम्मेलन हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव ने कई घोषणाएं कीं। सीएम ने ऐलान करते हुए कहा कि अब राज्य में ग्राम रोजगार सहायक 62 साल की उम्र तक नौकरी कर सकेंगे।
ग्राम रोजगार सहायकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से सरकार हर क्षेत्र में काम कर रही है। हर सेक्टर में काम कर रहे हैं। बिना मांगे आपकी तरफ ध्यान दे रहे हैं। सरकार आपके साथ खड़ी है। आपको जब काम का टारगेट देते हैं तो काम आप करो आपकी चिंता सरकार करेगी। ये आवश्वासन आपको दे रहा हूं।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि आप सबने पारिश्रमिक बढ़ाने की मांग की थी। तो 9 हजार से बढ़ाकर दोगुना 18 हजार किया था। अब पंचायत सचिव के रिक्त पदों के मामले में, आयु सीमा के मामले में, अनुकंपा के मामले में आपके जनप्रतिनिधियों की बैठक कराकर ठोस निर्णय लेने वाले हैं।
सीएम यादव ने कहा कि आपसे गांव के विकास की अपेक्षा करते हैं। हमने रोजगार सहायकों की आयु सीमा 62 साल की है। जो बहनें रोजगार सहायक हैं उन्हें प्रसूति अवकाश, मातृत्व अवकाश, ऐच्छिक अवकाश, पुरुष ग्राम रोजगार सहायक को 15 दिनों का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा। ऐसे विषयों पर हम काम कर रहे हैं।
सीएम ने आगे कहा कि किसी कारण से किसी रोजगार सहायक पर आपराधिक प्रकरण बन जाए और बाद में वो निर्दोष सिद्ध हो जाए तो उसे पुन: सर्विस में लेने की गारंटी हम सरकार के माध्यम से घोषणा करते हैं। जब कोई अपराध नहीं किया तो फिर क्यों बाहर करना? सबसे पहले आपके हितों के साथ सुरक्षा और सम्मान से गांव के विकास को जोड़कर देखने की दृष्टि हमने शुरु की है।
सीएम यादव ने कहा, 'आपके माध्यम से शासन की सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की सारी बातें होती हैं। सचमुच, जैसे शरीर के अंदर आत्मा नहीं हो तो शरीर बेकार है, उसी प्रकार पंचायत में रोजगार सहायक नहीं हो तो पंचायत भी बेकार है।
गांधी जी के शब्दों में, “इस भारत की आत्मा गांव में बसी है।” गांव के अंदर बस ग्राम स्वराज और सूरज दोनों का सपना महात्मा गांधी जी ने देखा था। डीबीटी के माध्यम से, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज वह सपना पूरा हो रहा है। इसके ध्वजवाहक आप सभी लोग हैं। आपके माध्यम से ही यह हो रहा है।'
सीएम मोहन यादव ने सम्मेलन में शामिल होने आ रहे दो रोजगार सहायकों की सड़क दुर्घटना में हुई मौत पर दुख जताया और परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि आज यहां आ रहे हमारे दो रोजगार सहायक मित्र हुरजी मेड़ा और लखन कमोदिया की असमय मृत्यु हुई है मैं दोनों साथियों के परिवारों को दस-दस लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा करता हूं। जो घायल हैं उनके इलाज की व्यवस्था सरकार करेगी। गंभीर घायलों को एक लाख और अन्य घायलों को 50 -50 हजार रुपए दिए जाएंगे।