रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। मायके पक्ष ने शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। बुधवार को ट्विशा के परिजनों ने मंत्रालय पहुंचकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए कहा कि राज्य सरकार मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए पत्र लिखेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिवार चाहता है तो ट्विशा के पार्थिव शरीर को दिल्ली एम्स ले जाने के लिए सरकार परिवहन की पूरी व्यवस्था करेगी।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति देने का अंतिम अधिकार न्यायालय के पास है। इस बीच भोपाल पुलिस ने भी साफ किया है कि उसे पुनः पोस्टमार्टम से कोई आपत्ति नहीं है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस संजय कुमार ने कहा कि इस संबंध में निर्णय कोर्ट ही करेगा। जबकि, मामले की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है।
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ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के कटारा हिल्स निवासी अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ सिंह की मां गिरीबाला सिंह मध्यप्रदेश की रिटायर्ड जज हैं। शादी के करीब पांच महीने बाद 12 मई 2026 की रात ट्विशा अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है। जबकि, मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है।
मामले में पुलिस ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और प्रताड़ना का केस दर्ज किया है। घटना के बाद से समर्थ सिंह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस आयुक्त के अनुसार, मामले में दहेज प्रताड़ना, मारपीट और सबूत मिटाने जैसे आरोपों की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है।
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ट्विशा के परिजनों ने पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि शव पर मौजूद चोटों और संघर्ष के निशानों का उल्लेख शुरुआती रिपोर्ट में नहीं किया गया। इसके अलावा जिस फंदे से कथित तौर पर आत्महत्या की बात कही जा रही है उसे भी जांच अधिकारियों ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को उपलब्ध नहीं कराया। इसी आधार पर परिवार ने भोपाल की अदालत में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर अर्जी दाखिल की है। अदालत ने मामले की केस डायरी तलब कर ली है और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा।
परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे ने कहा कि भोपाल में स्थानीय प्रभाव के कारण जांच प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह की बहन भोपाल में सर्जन हैं और उन्हें पहले पोस्टमार्टम के दौरान एम्स भोपाल के आसपास देखा गया था। इसी वजह से परिवार स्वतंत्र और निष्पक्ष चिकित्सकीय परीक्षण के लिए एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम चाहता है। परिवार ने बयान जारी कर कहा कि यदि आरोपी वास्तव में निर्दोष हैं तो फिर स्वतंत्र मेडिकल जांच से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
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मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और उनकी मां के अनुसार, शादी के बाद से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि मौत से कुछ दिन पहले ट्विशा ने व्हाट्सएप मैसेज कर बताया था कि उसका जीवन नरक बन गया है। वहीं, घटना वाली रात करीब 10:05 बजे उसने अपनी मां को रोते हुए फोन कर कहा था, “मां मुझे बचा लीजिए, मुझे यहां से ले जाइए।” इसके कुछ समय बाद परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली।
परिजनों का यह भी दावा है कि ट्विशा गर्भवती थी और उसे गर्भ को लेकर भी मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। परिवार ने जबरन अबॉर्शन कराने और मारपीट के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि शव पर कई चोटों के निशान मौजूद थे।
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दूसरी ओर सास गिरीबाला सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और अदालत में इन सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि ट्विशा मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया और गंभीर पर्सनालिटी डिसऑर्डर से पीड़ित थी। जिसके इलाज के दस्तावेज भी उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्विशा को ड्रग्स की लत थी और नशा नहीं मिलने पर उसका व्यवहार आक्रामक हो जाता था। सास ने यह भी दावा किया कि ट्विशा के पिता उस पर ग्लैमर और एक्टिंग इंडस्ट्री में बने रहने के लिए वजन कम रखने का दबाव डालते थे।
इस बीच पुलिस के हाथ घटना की रात का सीसीटीवी फुटेज भी लगा है। फुटेज में ट्विशा को अकेले घर की छत की ओर जाते देखा गया है। करीब एक घंटे बाद पति समर्थ सिंह और दो पड़ोसी उसे बेहोशी की हालत में नीचे लाते दिखाई देते हैं। सीढ़ियों पर उसे सीपीआर देकर होश में लाने की कोशिश भी की गई।
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भोपाल पुलिस कमिश्नर के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे से लटकना सामने आया है। फिलहाल पुलिस इसे कानूनी तौर पर आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर में किसी भी प्रकार के ड्रग्स या नशीले पदार्थ मिलने का उल्लेख नहीं है। जिसकी वजह से सास के ड्रग्स संबंधी दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।