इजरायल में संसदीय चुनावों के लिए वोटिंग हो रही है। पीएम बेजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य की अनिश्चितता के बीच यह चुनाव हो रहा है। इजरायल में 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद ये पहला चुनाव है। इस वोटिंग का रिजल्ट भी आज आ जाएगा। इस चुनाव को लेकर नेतन्याहू भी डरे हुए हैं। उनकी राजनीतिक किस्मत इस चुनाव में दांव पर लगी है। वोटिंग शुरू होने से पहले वो प्रार्थना करने भी गए थे।
इजरायल में 120 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। नेतन्याहू को सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की बहुमत जरुरी है। इजरायली चुनाव प्रक्रिया के मुताबिक, इजरायल में आखिरी वोट डाले जाने के तुरंत बाद ही मतगणना शुरू हो जाएगी। वोटिंग के लिए 67 हजार से ज्यादा लोग दूसरे देशों से आए हैं।
वोटिंग शुरू होने से पहले नेतन्याहू ने जाकर प्रार्थना की। वो वेस्टर्न वॉल पर प्रार्थना करने के लिए गए। उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा, इजरायल के लोगों की जीत के लिए वेस्टर्न वॉल पर आज रात की प्रार्थना में। पीएम नेतन्याहू के लिए वेस्टर्न वॉल काफी खास है। वो अक्सर इस ऐतिहासिक स्थल पर जाते हैं। वो युद्ध, चुनावों या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मौकों पर इस दीवार की दरारों में अपनी मन्नत या हाथ से लिखी हुई प्रार्थना पर्ची रखते हैं। वे इस स्थल को इजराइल की संप्रभुता, निरंतरता और यहूदी इतिहास की मजबूती का प्रतीक मानते हैं।
प्रधानमंत्री पद के लिए नेतनयाहू के प्रतिद्वंदी आइजनकोट ने 1978 में गोलानी ब्रिगेड में एक आम सैनिक के तौर पर करियर शुरू किया। करीब 38 साल की सेवा के बाद वे 2015 में इजराइल के सेना प्रमुख बने। इस पद पर वे 2019 तक रहे। सेना प्रमुख के तौर पर उन्होंने सेना की रणनीति और सुरक्षा से जुड़े बड़े फैसलों की जिम्मेदारी संभाली। उनके नाम से जुड़ी सैन्य रणनीति को ‘आइजनकोट डॉक्ट्रिन’ कहा जाता है।
गादी आइजनकोट इस बार प्रधानमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार हैं। छह में से चार ओपिनियन पोल में आइजनकोट के गठबंधन को ज्यादा सीटें दी गई हैं। वहीं नेतन्याहू के गठबंधन को एक पोल में बढ़त और एक पोल में बहुमत मिला है।