इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में श्रमिक असंतोष ने उग्र रूप ले लिया है। मदरसन, बायो स्पंज और हुंडई मोबिस समेत कई कंपनियों के कर्मचारी पिछले दो दिनों से हड़ताल पर हैं। बढ़ती महंगाई, वेतन में वृद्धि न होने और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर मजदूरों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जिसकी वजह से औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ने लगा है।
बुधवार सुबह आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया जब सेक्टर-3 स्थित मदरसन ग्रुप की यूनिट्स के साथ हार्नेस कंपनी के कर्मचारी भी बड़ी संख्या में हड़ताल में शामिल हो गए। सुबह करीब 9 बजे सैकड़ों महिला और पुरुष कर्मचारी कंपनी गेट के बाहर जमा हुए और अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद सभी ने रैली निकालते हुए विकास भवन स्थित श्रम कार्यालय तक करीब दो किलोमीटर का पैदल मार्च किया और ज्ञापन सौंपा।
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श्रमिकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण घरेलू खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। गैस सिलेंडर, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों के दाम बढ़ रहे हैं लेकिन कंपनियों द्वारा वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। इसके अलावा मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का लाभ भी नहीं मिल रहा है।
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कंपनियों में पर्याप्त स्टाफ की कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों में परिवहन सुविधा को लेकर भी असंतोष है। मजदूरों के अनुसार, वेतन से अधिक कटौती के बावजूद उन्हें उचित बस सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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इस आंदोलन की शुरुआत दो दिन पहले यूनिट-1 के कर्मचारियों द्वारा मांगें उठाने के साथ हुई थी। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान महू नीमच मार्ग पर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम किया गया था। जिसकी वजह से यातायात काफी प्रभावित हुआ था। हालांकि, प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद यातायात बहाल हो सका। मंगलवार को यूनिट-2 के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो गए और दिनभर कंपनी गेट पर प्रदर्शन जारी रहा था। इस दौरान सड़क जाम करने की कोशिश भी की गई थी लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली थी।
वेतन वृद्धि को लेकर कंपनी प्रबंधन और जिला श्रम अधिकारी के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं। हड़ताल और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। नगर पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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वहीं, हाल ही में नोएडा में भी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था। प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी भी की थी। जिसके बाद हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था। घटना के बाद योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। श्रम विभाग ने औद्योगिक विवाद को सुलझाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। जिसमें औद्योगिक विकास आयुक्त को अध्यक्ष बनाया गया है। साथ ही श्रमिक संगठनों और उद्यमी संघ के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
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