सोनापुर। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दक्षिण क्षेत्र में शनिवार शाम तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला कर दिया गया। चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ित पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने पहुंचे अभिषेक को विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर नारेबाजी की, धक्का मुक्की की और उन पर पत्थर, जूते तथा अंडे फेंके। इस दौरान उनकी शर्ट भी फट गई। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें सुरक्षा के तहत हेलमेट पहनाकर इलाके से बाहर निकाला गया।

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने हमला पूर्व नियोजित होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था और हमलावर उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाना चाहते थे। उनके मुताबिक, हेलमेट होने की वजह से सिर पर चोट लगने से बचाव हो सका। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है और इस मामले को लेकर वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही राज्यपाल को भी पूरी घटना की जानकारी देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक स्थानीय पुलिस प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती तब तक वह क्षेत्र छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

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सोनारपुर दक्षिण लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। वहां टीएमसी और भाजपा के बीच मुकाबला काफी तीखा रहा है। चुनावी मौसम और उसके बाद यहां हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में मई 2026 में कामराबाद नस्करपाड़ा इलाके में भाजपा कार्यकर्ता सौमेन दास के घर में आग लगाने का मामला भी सामने आया था। सौमेन ने आरोप लगाया था कि स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पहले उन्हें धमकियां दी और बाद में उनके घर को आग के हवाले कर दिया।

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस सीट का प्रतिनिधित्व वर्तमान में भाजपा विधायक रूपा गांगुली कर रही हैं। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी उम्मीदवार अरुंधति मैत्रा उर्फ लवली मैत्रा को हराया था। इस बीच अभिषेक बनर्जी एक अन्य मामले को लेकर भी चर्चा में हैं। शनिवार सुबह पश्चिम बंगाल सीआईडी ने उन्हें कथित फर्जी हस्ताक्षर प्रकरण में पूछताछ के लिए समन जारी किया। अधिकारियों ने उनके कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर पहुंचकर नोटिस सौंपा और सोमवार दोपहर 12 बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा है।

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अभिषेक के खिलाफ इससे पहले 15 मई को भी एक मामला दर्ज किया गया था। उन पर विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक एवं धमकीपूर्ण टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया था। यह मामला उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में दर्ज किया गया था।

चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह को लेकर अभिषेक बनर्जी के कई बयान चर्चा में रहे थे। 10 अप्रैल को उन्होंने कहा था कि यदि सीमा पार से घुसपैठ हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी गृह मंत्रालय और बीएसएफ की है राज्य सरकार की नहीं। 16 अप्रैल को पूर्व मेदिनीपुर के भगवानपुर में आयोजित रैली में उन्होंने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा था कि 4 मई को कोलकाता में रहकर जनता का जवाब देखें। इसके बाद 25 अप्रैल को उन्होंने भाजपा पर मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया था। वहीं 2 मई को उन्होंने कहा था कि बंगाल की जनता लोकतंत्र को दबाने की हर कोशिश का जवाब देगी।

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गौरतलब है कि बीते 4 मई को आए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा ने पहली बार राज्य की सत्ता हासिल की थी। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 208 सीटें मिली थी। जबकि, टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई थी। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने। वहीं, अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली फालता विधानसभा सीट पर भाजपा ने सबसे बड़े जीत अंतर का रिकॉर्ड भी बनाया था।