देवास। मध्य प्रदेश के देवास में TI दिलीप पुरी को आईसर से कुचलने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के अलग-अलग जगह शॉर्ट एनकाउंटर किए हैं। दोनों ने पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश के दौरान पुलिसकर्मियों से बंदूक छीनी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के दाहिने पैर में गोली लगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले मुख्य आरोपी आईसर चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू राठौड़ को अलीराजपुर से खातेगांव ले जाते समय गोली लगी थी। अब इसी मामले के सह आरोपी धीरज का BNP थाना क्षेत्र में शॉर्ट एनकाउंटर हुआ है। पुलिस का कहना है कि धीरज ने पुलिस अभिरक्षा से भागने के लिए पुलिसकर्मी से हथियार छीना और हमला करने की कोशिश की। चेतावनी के बाद भी नहीं रुका तो पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। धीरज को जिला अस्पताल देवास में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस के मुताबिक, अक्कू को अलीराजपुर से खातेगांव ले जाते समय रास्ते में पुलिस वाहन पंक्चर हो गया था। पुलिसकर्मी पंक्चर ठीक कर रहे थे, तभी उसने ASI की बंदूक छीनकर फायरिंग कर दी। जवाबी गोली उसके दाहिने पैर के निचले हिस्से में लगी। उसे जिला अस्पताल देवास ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद वैस्कुलर इंटरवेंशन के लिए इंदौर रेफर किया गया, जहां अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बता दें कि 1 और 2 नवंबर की दरमियानी रात खातेगांव TI दिलीप पुरी अवैध शराब तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने आईसर चालक को नीचे उतरने को कहा, लेकिन चालक ने वाहन डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ा दिया। इस दौरान आईसर का पिछला पहिया TI के ऊपर से गुजर गया। करीब दो घंटे तक CPR और इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। वाहन जब्त कर लिया गया था, जबकि चालक फरार हो गया था।
TI की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता और पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति पर SI बनाने की घोषणा की है। मंगलवार को CM हाउस में पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर उन्होंने अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शराब तस्करी रोकने के लिए पुलिस को फ्री हैंड है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हर जिले में वाहनों की जांच, सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान और शराब दुकानों की निगरानी बढ़ाने को कहा है।