मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में उगाए जाने वाले प्रसिद्ध बंगला पान को उसकी विशिष्ट गुणवत्ता के लिए जीआई टैग प्रदान किया गया है। यह सम्मान पान की खास पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा। साथ ही इससे स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार, अधिक कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

जीआई टैग किसी उत्पाद को उसकी भौगोलिक उत्पत्ति और उससे जुड़ी विशेष गुणवत्ता के आधार पर दिया जाता है। छतरपुर का बंगला पान अपनी अलग पहचान रखता है। इसकी पत्तियां बेहद कोमल, मुलायम और मखमली होती हैं। जबकि, इसकी तीखी लेकिन आकर्षक सुगंध और अनोखा स्वाद इसे अन्य किस्मों से अलग बनाता है। यही विशेषताएं इसे जीआई टैग दिलाने का आधार बनी हैं।

इस उपलब्धि के साथ छतरपुर का बंगला पान अब मध्य प्रदेश की उन 12 उद्यानिकी फसलों में शामिल हो गया है जिन्हें जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इनमें गुना का धनिया और खरगोन की मिर्च जैसी फसलें भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मान्यता से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बंगला पान की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि हो सकती है। जिससे उत्पादकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार भी पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। इसके तहत लगभग 1.03 करोड़ रुपये की विशेष कार्य योजना लागू की गई है। योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण, बरोज निर्माण में सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य पान उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाना, किसानों की आय बढ़ाना और इस क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है।