झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के थांदला क्षेत्र में शुक्रवार शाम पद्मावती नदी किनारे स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस लीक होने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में प्लांट के 7 कर्मचारियों समेत करीब 49 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से कुछ को सांस लेने में दिक्कत के चलते ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
घटना पुरानी मंडी इलाके की है। यहां शाम करीब 5 बजे अचानक गैस रिसाव शुरू हुआ था। देखते ही देखते गैस करीब एक किलोमीटर के दायरे में फैल गई। जिसकी वजह से आसपास रहने वाले लोगों की आंखों में तेज जलन और सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। हालात बिगड़ते देख लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
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सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम भास्कर गाचले और थांदला टीआई अशोक कनेश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नगर परिषद की टीमों के साथ फायर ब्रिगेड को भी तैनात किया गया। जिसके बाद उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत काम शुरू किया।
गैस रिसाव को काबू में लाने के लिए मेघनगर की एक इंडस्ट्री से तकनीकी सहायता ली गई। इसके अलावा इंदौर से विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर पहुंची और प्लांट के अन्य टैंकों की जांच की। संयुक्त प्रयासों के बाद रिसाव को नियंत्रित कर लिया गया। साथ ही किसी अन्य टैंक से गैस लीक होने की आशंका को भी खत्म किया गया।
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स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है। जिन लोगों में हल्के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं उन्हें निगरानी में रखा जा रहा है ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले इलाज किया जा सके। नगर परिषद के इंजीनियर पप्पू बारिया के मुताबिक, गैस रिसाव शाम 5 बजे शुरू हुआ था। हालांकि, इसे करीब 7 बजे तक नियंत्रित कर लिया गया था। वहीं, रात 9 बजे तक हालात पूरी तरह सामान्य हो गए थे। इस घटना में स्थानीय निवासियों के साथ प्लांट के 5 से 7 कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं।
बीएमओ डॉ. डावर ने बताया कि 2-3 मरीजों की हालत थोड़ी गंभीर थी लेकिन समय पर इलाज मिलने से अब सभी की स्थिति स्थिर है। सभी मरीजों का इलाज जारी है और डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। थांदला टीआई अशोक कनेश के अनुसार फिलहाल गैस रिसाव पूरी तरह रोक दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। फायर ब्रिगेड और नगर परिषद की टीमों की मुस्तैदी से बड़ा हादसा टल गया।
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