इंदौर में मोबाइल अपडेट के बहाने साइबर ठगी, चोरों ने युवक के खाते से उड़ाए 3 लाख रुपए
इंदौर में फर्जी मोबाइल अपडेट नोटिफिकेशन के जरिए साइबर ठगी का मामला सामने आया है। हैकर्स ने युवक का फोन कंट्रोल कर उसके खाते से 3 लाख रुपए यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर लिए।
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में मोबाइल अपडेट नोटिफिकेशन के जरिए साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने एक युवक के फोन को हैक कर उसके ई वॉलेट और बैंक खाते से करीब 3 लाख रुपए निकाल लिए। शिकायत मिलने के बाद राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। जांच के लिए क्राइम ब्रांच की मदद ली जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, धोखाधड़ी के शिकार केशरबाग रोड स्थित स्कीम-103 निवासी कपिल सरसन भाई पटेल हुए हैं। वह एक कलर बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता है। कपिल ने बताया कि वह सैमसंग एस-23 मोबाइल इस्तेमाल करता है। 24 मार्च को उसके फोन पर सिस्टम अपडेट का नोटिफिकेशन आया था। नोटिफिकेशन स्वीकार करते ही फोन अपडेट मोड में चला गया और 97 प्रतिशत तक अपडेट होने के बाद अपने आप बंद हो गया।
इसके बाद 25 मार्च और फिर 27 मार्च को भी फोन में ऑटो अपडेट की प्रक्रिया शुरू हुई और हर बार मोबाइल बंद हो गया था। 27 मार्च को जब फोन दोबारा चालू हुआ तो खाते से 1 लाख रुपए कटने का मैसेज मिला। इसके बाद कपिल ने बैंक ऑफ इंडिया पहुंचकर जानकारी ली। वहां पता चला कि उसके खाते से कुल 3 लाख रुपए अलग-अलग यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर किए जा चुके हैं। जिसके बाद शुक्रवार को मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई।
जांच में सामने आया है कि साइबर ठग फर्जी सिस्टम या सिक्योरिटी अपडेट के नाम पर यूजर्स को झांसा देते हैं। ऐसे नोटिफिकेशन के जरिए यूजर को किसी लिंक पर भेजा जाता है जहां से एपीके फाइल डाउनलोड करवाई जाती है। यह फाइल दरअसल मैलवेयर होती है जो इंस्टॉल होते ही फोन का पूरा कंट्रोल हैकर्स को दे देती है। इसके जरिए वे कॉल, मैसेज और ओटीपी तक एक्सेस कर लेते हैं और बैंकिंग ऐप्स से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं। जबकि, यूजर को इसकी भनक भी नहीं लगती।
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, फोन हैक होने के कुछ संकेत भी होते हैं। जैसे बिना ज्यादा इस्तेमाल के बैटरी का तेजी से खत्म होना, फोन का गर्म होना, अनजान ऐप्स का दिखना, डेटा का असामान्य रूप से ज्यादा खर्च होना और कैमरा या माइक्रोफोन के इंडिकेटर का बिना वजह ऑन होना।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान पॉप-अप या लिंक के जरिए फोन अपडेट न करें। हमेशा मोबाइल की आधिकारिक सेटिंग्स में जाकर ही सॉफ्टवेयर अपडेट करें। साथ ही, समय-समय पर फोन में इंस्टॉल ऐप्स की जांच करें और संदिग्ध ऐप्स को तुरंत हटा दें। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।




