उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बड़ागांव में स्कूल जाने वाले बदहाल रास्ते और जलभराव की समस्या से परेशान 60 से अधिक छात्र-छात्राएं मंगलवार को अपने अभिभावकों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर अपनी परेशानी बताई और ज्ञापन सौंपकर रास्ते की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की। बच्चों का कहना है कि बारिश के कारण स्कूल तक पहुंचने वाला करीब 2 किलोमीटर का रास्ता कीचड़ में बदल गया है। जिसकी वजह से रोजाना स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

छात्रों ने बताया कि रास्ते में नाला भी पड़ता है। बारिश के दौरान यहां पानी और कीचड़ जमा होने से रास्ता बेहद फिसलन भरा हो जाता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। जिससे उनके कपड़े और स्कूल की किताब और कॉपियां खराब हो जाती हैं। स्थिति ज्यादा बिगड़ने पर पैदल रास्ते से स्कूल जाना संभव नहीं रहता और बच्चों को तीन किलोमीटर से अधिक अतिरिक्त दूरी तय कर दूसरे रास्ते से स्कूल पहुंचना पड़ता है।

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बारिश के दिनों में रोजाना होने वाली इस परेशानी का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। अभिभावक रामचरित ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की। ताकि बारिश के मौसम में बच्चों की आवाजाही सुचारु हो सके और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

बच्चों और अभिभावकों की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर राखी सहाय ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि स्कूल जाने वाली इस सड़क का सर्वे पहले ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पूरा किया जा चुका है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को भी निर्देश दिए कि बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

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फिलहाल प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, ग्रामीणों और अभिभावकों को उम्मीद है कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ेगी। जिससे बारिश के दौरान हर साल सामने आने वाली समस्या का स्थायी समाधान हो सके।