पटना में BPSC TRE-4 में बदलाव की मांग पर छात्रों का प्रदर्शन, डाकबंगला पर पुलिस से झड़प

पटना में BPSC TRE-4 परीक्षा नियमों, डोमिसाइल और नेगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। पुलिस लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल में कई छात्र व टाउन डीएसपी घायल हो गए।

Updated: Aug 25, 2026, 04:33 PM IST

पटना। BPSC TRE-4 से PT Mains, नेगेटिव मार्किंग खत्म करने और 100 प्रतिशत डोमिसाइल की मांग को लेकर पटना में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया। बीते 18 अगस्त से गर्दनीबाग में धरना दे रहे छात्रों का एक समूह मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकला था। पुलिस ने जेपी गोलंबर पर उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग और भारी बल तैनात किया लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए। यहां पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाजी में टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए। कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।

छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर पुलिस बल के साथ CRPF जवानों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर आगे बढ़ गए। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। इससे पहले CRPF जवानों के साथ छात्रों की धक्का-मुक्की भी हुई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था।

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वाटर कैनन से पानी की तेज बौछार के दौरान एक छात्र के सिर में चोट लग गई थी। जबकि, एक छात्रा बेहोश हो गई थी। प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार किए जाने के बीच कुछ छात्र शैंपू लगाकर नहाते हुए भी नजर आए थे। स्थिति को देखते हुए मौके पर बंकर गाड़ी भी मंगाई गई थी। इस तरह की गाड़ियों का इस्तेमाल आम तौर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा अभियानों के दौरान किया जाता है।

यह मार्च ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के छात्र नेता अमन गुट की ओर से निकाला गया था। प्रदर्शनकारी BPSC TRE-4 की परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में PT के बाद सीधे Mains की व्यवस्था, परीक्षा से नेगेटिव मार्किंग हटाना और बिहार के अभ्यर्थियों के लिए 100 प्रतिशत डोमिसाइल लागू करना शामिल है। इन मांगों को लेकर अभ्यर्थी 18 अगस्त से गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हैं।

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छात्रों के आंदोलन के बीच सोमवार को BPSC की ओर से दिए गए एक बयान को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया था। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान BPSC अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने गर्दनीबाग में चल रहे प्रदर्शन के संदर्भ में कहा था, “हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार।” इस टिप्पणी के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में नाराजगी बढ़ गई थी।

छात्रों ने बयान को अपमानजनक बताते हुए विरोध जताया था। इससे पहले भी BPSC की ओर से छात्रों को लेकर की गई एक टिप्पणी पर विवाद हो चुका है। जिसके बाद संबंधित अधिकारी को पद से हटाया गया था। अब ताजा विवाद बढ़ने पर BPSC एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने वीडियो जारी कर अपने बयान के लिए माफी मांगी है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

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