मुंबई। महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 महानगरपालिका के चुनावों को लेकर सियासत गर्म है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली के आरोप लगाए हैं। ठाकरे ने कहा कि यहां सरेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने ऐसी बेशर्म सरकार कभी नहीं देखी है।
शिवसेना UBT के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने नगर निकाय चुनावों में कथित अनियमितताओं के आरोप में राज्य चुनाव आयुक्त को निलंबित करने की भी मांग की। पत्रकारों से बातचीत में ठाकरे ने राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को संविधान विरोधी संस्था करार दिया। उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया और राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे को निलंबित करने की मांग की।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, कई जगहें हैं जहां से शिकायतें आ रही हैं। कुछ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं। पहली बार हम देख रहे हैं कि लगाई गई स्याही को अब साफ किया जा सकता है। ठाकरे ने कहा कि ये लोग यह सब गड़बड़ कर रहे हैं, और इसीलिए मैंने कहा, चुनाव आयोग या कमिश्नर क्या करते हैं? पुरानी EVM मशीनें लगाई गई हैं। इन लोगों में सत्ता पाने का इतना लालच है। मैंने ऐसी बेशर्म सरकार कभी नहीं देखी। अब हम विरोध करेंगे, सभी लोग विरोध करेंगे।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि इसीलिए वे वन नेशन वन इलेक्शन चाहते हैं, ताकि वे पूरे देश में एक ही समय में धोखाधड़ी और गड़बड़ी कर सकें, और पूरे देश पर कब्ज़ा कर सकें... तो, यह सब लोकतंत्र की सरेआम हत्या है। इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के चीफ राज ठाकरे ने स्याही की जगह मार्कर पेन के इस्तेमाल का आरोप लगाया था। इसके बाद स्याही विवाद ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद आयोग ने निर्देश जारी किया है कि चुनाव ड्यूटी पर लगे अधिकारी और कर्मचारी सही से स्याही को लगाएं ताकि कोई इसे मिटा न सके।