ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के अलकापुरी-कलेक्ट्रेट रोड स्थित एनजी ग्रांड में रहने वाले अनिल ओझा के परिवार का पालतू तोता शकुंतला उर्फ मिट्ठू (मादा) पिछले तीन दिनों से लापता है। परिवार ने उसे सुरक्षित वापस लाने वाले के लिए 50 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की है। परिजनों का कहना है कि उनके लिए इनाम की राशि नहीं बल्कि मिट्ठू की सुरक्षित घर वापसी सबसे बड़ी खुशी होगी।
जानकारी के अनुसार, करीब एक साल पहले शकुंतला परिवार का हिस्सा बनी थी। उसे कभी पिंजरे में नहीं रखा गया और वह पूरे घर में खुलकर रहती थी। परिवार के सदस्य जैसे ही उसे आवाज लगाते, वह उनके कंधे या हाथ पर आ बैठती थी। धीरे-धीरे वह घर के हर सदस्य के बेहद करीब हो गई और सभी की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गई।
परिवार के मुताबिक, सोमवार को घर की एक खिड़की खुली रह गई थी। इसी दौरान मिट्ठू उड़कर बाहर निकल गई। शुरुआत में सभी को उम्मीद थी कि वह कुछ देर बाद वापस लौट आएगी लेकिन काफी इंतजार के बाद भी जब वह नहीं आई तो उसकी तलाश शुरू कर दी गई। आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और परिचितों से भी संपर्क किया गया लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।
अनिल ओझा का कहना है कि मिट्ठू के घर से जाने के बाद उनकी बुजुर्ग मां और छोटी बेटी सबसे ज्यादा परेशान हैं। दोनों का उससे गहरा लगाव था और उसके गायब होने के बाद से वे ठीक से खाना-पीना भी नहीं कर पा रही हैं। पूरे परिवार की निगाहें हर समय दरवाजे पर टिकी रहती हैं इस उम्मीद में कि शायद वह वापस लौट आए।
तोते की तलाश के लिए परिवार लगातार प्रयास कर रहा है। एक प्रचार एजेंसी की मदद से मिट्ठू की तस्वीर और पहचान संबंधी पोस्टर तैयार कराए गए हैं। इन पोस्टरों को ई रिक्शा पर लगाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में मुनादी कराई जा रही है। परिवार के अनुसार, पिछले तीन दिनों में इस अभियान पर करीब 8 हजार रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
ई रिक्शा चालक सोनू प्रतिदिन लगभग 5 से 6 घंटे तक विभिन्न कॉलोनियों, बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में जाकर लोगों से अपील कर रहा है कि यदि किसी को यह तोता दिखाई दे तो तुरंत परिवार को सूचना दें। अनिल ओझा का कहना है कि जिस दिन मिट्ठू सुरक्षित वापस घर लौट आएगी उसी दिन उनकी मां और बेटी के चेहरे पर भी फिर से मुस्कान लौट आएगी।