मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा और स्थानीय लोगों की तत्परता ने एक महिला शिक्षिका की जान बचा ली। कैलारस क्षेत्र में स्कूल जाते समय शिक्षिका ललिता धाकड़ को अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आ गया। इसकी वजह से वह स्कूटी सहित सड़क पर गिरकर बेहोश हो गई। मौके पर मौजूद डायल 112 के चालक सतेंद्र धाकड़ और उनके साथी रिंकू धाकड़ ने बिना देर किए उन्हें सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया। कुछ मिनटों की कोशिश के बाद शिक्षिका को होश आ गया। जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

जानकारी के अनुसार, ललिता धाकड़ तिलोजरी माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ हैं। वह रोज की तरह सुबह कैलारस से स्कूटी पर स्कूल के लिए निकली थी। जब वह भुराबली के पास पहुंचीं तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और साइलेंट हार्ट अटैक आने से वह सड़क पर गिरकर अचेत हो गई।

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घटना को देखते ही आसपास मौजूद लोग उनकी मदद के लिए दौड़ पड़े। इसी दौरान मौके पर मौजूद श्योपुर जिले के गसमनी थाने में पदस्थ डायल 112 के चालक सतेंद्र धाकड़ और उनके साथी रिंकू धाकड़ ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। लगातार कुछ मिनट तक किए गए प्रयासों के बाद शिक्षिका की सांसें सामान्य होने लगीं और उन्हें होश आ गया।

इसके बाद स्थानीय गौ सेवकों और राहगीरों की सहायता से शिक्षिका को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैलारस ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। फिलहाल ललिता धाकड़ का इलाज ग्वालियर के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत अब स्थिर है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

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घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया और स्कूल प्रबंधन के माध्यम से शिक्षिका के परिजनों तक पहुंचाई। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों ने सतेंद्र धाकड़ और रिंकू धाकड़ की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय पर सीपीआर नहीं दिया जाता तो यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।