इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई 21 मौतों के विरोध में कांग्रेस एक बार फिर सड़क पर है। पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस आज विशाल न्याय यात्रा निकाल रही है। इस न्याय यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक जयवर्धन सिंह समेत तमाम दिग्गज शामिल हैं।
यात्रा की शुरुआत रविवार सुबह इंदौर के बड़ा गणपति से मौन रैली के रूप में हुई, जो राजवाड़ा स्थित देवी अहिल्या की प्रतिमा पर जाकर समाप्त होगी। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बांहों पर काली पट्टी बांध रखा है। साथ ही हाथों में तिरंगा लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व महापौर पुष्यमित्र भार्गव से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार और नगर निगम की गंभीर लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान गई, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि बेखौफ अपने पदों पर बने हुए हैं। पार्टी ने मृतकों के परिजनों को मात्र दो लाख रुपये का मुआवजा देने को अपमानजनक बताते हुए प्रत्येक पीड़ित परिवार को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
इंदौर में जहरीले पानी से हुई निर्दोष लोगों की मौतों पर पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि हाई कोर्ट के सिटिंग जज से इस मामले की न्यायिक जांच कराना चाहिए और पब्लिक हियरिंग "जन सुनवाई" होना चाहिए। सिंह ने कहा कि दोषी चाहे कर्मचारी हो, अधिकारी हो या राजनेता हो, जिम्मेदारी तय होना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस इंदौर की जनता के साथ खड़ी है। इंदौर की जनता को स्वच्छ पानी, साफ सड़कें और बोरिंग का साफ पानी चाहिए। भागीरथपुरा में हुई घटना के बाद सरकार मौतों के आंकड़े छुपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आज भी इंदौर के कई इलाकों में गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई बात नहीं करना चाहती।
यात्रा में शामिल पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि जिस इंदौर शहर को भारत सरकार ने स्वच्छता में नंबर वन का दर्जा दिया था, आज उसी शहर पर भागीरथपुरा की घटना के कारण कलंक लग गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सिर्फ छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई करने से बात नहीं बनेगी। जयवर्धन सिंह ने मांग की कि महापौर को इस्तीफा देना चाहिए, एमआईसी (MIC) के सदस्यों को बदला जाना चाहिए और इस पूरे मामले में सभी जिम्मेदार लोगों को पद छोड़ना चाहिए।
जयवर्धन ने कहा कि इस घटना से साफ है कि बीजेपी के मंत्री, नेता और मुख्यमंत्री घमंड में डूबे हुए हैं, इसी वजह से मध्यप्रदेश में ऐसी दर्दनाक घटनाएं हो रही हैं। बता दें कि भागीरथपुरा में दूषित जल के प्रकोप से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। दूषित जल के कारण इलाके के तीन हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। कई लोग अब भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।