ग्वालियर। देशभर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर आम लोगों से लेकर पढ़े-लिखे पेशेवरों तक को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर से सामने आया है जहां एक वकील के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए भेजी गई शादी के निमंत्रण की APK फाइल ने पूरा खेल बिगाड़ दिया। फाइल पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया और चार दिन बाद बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी के 93 हजार रुपये से ज्यादा की रकम निकाल ली गई।

घटना का शिकार ग्वालियर के तानसेन नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले आशीष सिंह गौर हैं जो पेशे से वकील हैं और लेबर कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। आशीष के मुताबिक 8 जनवरी को उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया था जिसमें शादी का निमंत्रण पत्र भेजा गया था। यह मैसेज लेबर वेलफेयर बोर्ड के इंस्पेक्टर सुरेंद्र यादव के नाम और नंबर से आया इसलिए उन्हें किसी तरह का शक नहीं हुआ।

जैसे ही आशीष सिंह गौर ने उस APK फाइल को ओपन किया उनका मोबाइल अचानक हैंग हो गया और गूगल की स्क्रीन पर अटक गया। कुछ समय बाद मोबाइल अपने आप सामान्य हो गया। जिससे उन्हें लगा कि शायद कोई तकनीकी गड़बड़ी रही होगी। लेकिन उन्हें असली नुकसान चार दिन बाद हुआ।

12 जनवरी की शाम उनके बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी या अलर्ट के एक के बाद एक कई ट्रांजैक्शन हुए और कुल 93 हजार रुपये से ज्यादा की राशि खाते से निकल गई। जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत अपने बैंक से संपर्क किया।

बैंक की सलाह पर आशीष सिंह ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद वे सीधे ग्वालियर थाने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस ने ऑनलाइन शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि ठगों ने APK फाइल के जरिए मोबाइल को हैक कर बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई और फिर खाते से पैसे निकाल लिए।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि व्हाट्सएप पर भेजा गया नंबर असली था या किसी तरह से क्लोन किया गया था। साथ ही ठगों की पहचान और पैसे की ट्रेल खंगाली जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान APK फाइल, लिंक या शादी-ब्याह के डिजिटल निमंत्रण को बिना पुष्टि के न खोलें।