मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला स्थित नैनपुर क्षेत्र के हीरापुर गांव में शनिवार सुबह गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद पंडाल में सो रहे युवकों के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। बिजली का तार टूटकर पंडाल में गिरने से करंट फैल गया और इसकी चपेट में आए चार युवकों की मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है। गंभीर घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक, गणेश समिति के सदस्य करीब सुबह 4 बजे प्रतिमा विसर्जन कर वापस लौटे थे। इसके बाद झांकी में रखे सामान की सुरक्षा के लिए आठ युवक पंडाल में ही सो गए। कुछ देर बाद बिजली का तार टूटने और करंट फैलने की घटना हुई।

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मृतकों की पहचान रवि झरिया (24), जेनू भांवरे (19), कृष्ण कुमार भांवरे (18) और वीरेंद्र भांवरे (24) के रूप में हुई है। रवि झरिया ग्राम कोटवार कल्लू झरिया का बेटा था और मजदूरी करता था। जेनू भांवरे, मुकेश भांवरे का बेटा था और मजदूरी करता था। कृष्ण कुमार भांवरे, दिलीप के बेटे थे और पढ़ाई के साथ मजदूरी करते थे। वीरेंद्र भांवरे, सोनू के बेटे थे और मजदूरी करते थे।

घायल मौसम भावरे ने बताया कि विसर्जन के बाद सभी दोस्त पंडाल के पास सो गए थे। सुबह करीब 5:30 बजे अचानक एम्प्लीफायर में स्पार्किंग हुई और देखते ही देखते करंट फैल गया। युवक एक-दूसरे के पास एक लाइन में सो रहे थे इसलिए करंट का असर सभी पर अलग-अलग हुआ।

मौसम ने बताया कि वह सबसे पीछे सोया था इसलिए उसे अपेक्षाकृत कम झटका लगा। आगे सो रहे चार युवकों को करंट का ज्यादा असर हुआ। उन्हें बचाने और उठाने की कोशिश के दौरान मौसम को भी बिजली का झटका लगा।

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हीरापुर के सरपंच प्रेमचंद भावरे के मुताबिक, हादसे से पहले सुबह तेज हवा के साथ बारिश हुई थी। प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि पानी की वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ और बिजली का तार ग्रिल से संपर्क में आ गया। इसके बाद पंडाल में करंट फैल गया। हादसे की जानकारी दो युवकों ने गांव में पहुंचकर लोगों को दी।

एसडीओपी नैनपुर मनीष राज ने बताया कि पंडाल पक्का बना हुआ था। बिजली का तार टूटने या शॉर्ट सर्किट के कारण करंट फैलने की आशंका है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चारों मृतकों के पोस्टमॉर्टम के बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मंत्री संपतिया उइके मौके पर पहुंचीं और मृतकों व घायलों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों को तत्काल 5-5 हजार रुपये की सहायता दी गई है। तीन दिन के भीतर प्रत्येक मृतक परिवार को 4-4 लाख रुपये की राहत राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई है। घायल के परिवार को 1.5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

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मंत्री के अनुसार, कुछ प्रभावित परिवारों में माता-पिता दोनों दिव्यांग हैं और परिवार में केवल एक संतान थी। ऐसे परिवारों के एक-एक सदस्य को आउटसोर्स के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के विकल्प पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि विचार कर रहे हैं। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है। पुलिस बिजली हादसे के कारणों और पंडाल में बिजली व्यवस्था की स्थिति की जांच कर रही है।