सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में सोयाबीन उत्पादक किसानों का आंदोलन विगत एक सप्ताह से जारी है। फसल बीमा राशि और मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने गुरुवार को भी प्रदर्शन किया। यहां बड़ी संख्या में किसान खराब फसल लेकर सड़क पर लेटे नजर आए। 

किसानों का कहना है कि पिछले 5 वर्षों से लगातार सोयाबीन की फसल खराब हो रही है। इस साल भी फसल को नुकसान हुआ है। लेकिन न तो बीमा कंपनी ने राशि दी और न ही कृषि विभाग ने कोई सर्वे कराया। खास बात ये है कि यह इलाज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृहक्षेत्र है। इसके बावजूद यहां किसान अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन को मंजूर हैं।

समाजसेवी व किसान नेता एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में किसान पिछले एक सप्ताह से विभिन्न गांवों की नदियों में जल सत्याग्रह कर रहे हैं। मंगलवार को किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बीमा राशि देने और खराब फसल का सर्वे कराने की मांग की थी। वहीं, गुरुवार को किसान अपनी खराब सोयाबीन की फसल हाथों में लेकर सड़क पर लेट गए। उनकी सरकार से मांग है कि फसल बीमा की पूरी राशि उन्हें सम्मानपूर्वक दी जाए।