मुंबई। SIR प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 2,06,88,487 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो पाए हैं। इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने BJP और चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, घर बदल चुके थे, उनकी मृत्यु हो चुकी थी या उनके नाम डुप्लीकेट थे। वहीं, जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें 30 सितंबर तक दावा-आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होगी।
राहुल गांधी ने कहा कि 'वोट चोरी' के जरिए बनी सरकार के लिए जनता महत्वपूर्ण नहीं है। यही वजह है कि BJP न तो लोगों की बात सुनती है और न ही उनके आदेश का पालन करती है। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' अपनी चालें बदलते रहते हैं और आगे भी ऐसा ही करेंगे। मकसद बस एक ही है, किसी भी कीमत पर भाजपा की जीत और भारत के लोकतंत्र का खात्मा।’
राहुल गांधी ने आगे लिखा, 'महाराष्ट्र 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था आज भी कहता हूं, यह वोट चोरी थी। उन्होंने कहा, ‘बंगाल 2026 में SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूं, यह वोट चोरी थी और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। यानी हर पांचवां वोटर।’
उन्होंने आंकड़े देते हुए लिखा, 'लोक सभा 2024 में 9.29 करोड़, विधान सभा 2024 में 9.7 करोड़। SIR 2026 में 7.78 करोड़। कौन सी लिस्ट सही थी? वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता जरूरी नहीं है। यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।’ बता दें कि महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2.06 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए थे। यह संख्या राज्य के पिछले वोटर्स का करीब 21.14 प्रतिशत है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से सोमवार (31 अगस्त) को दी गई जानकारी के मुताबिक, मौजूदा मसौदा मतदाता सूची में 7.71 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हैं, जिनमें 3.95 करोड़ पुरुष, 3.75 करोड़ महिलाएं और 3,087 थर्ड जेंडर के मतदाता हैं।