बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के हायर सेकेंडरी स्कूल मुरकौल में शिक्षकों की कमी को लेकर गुरुवार को विद्यार्थियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल में पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज छात्र और छात्राओं ने वाड्रफनगर-सनावल मार्ग पर बैठकर जाम लगा दिया। जिसकी वजह से करीब ढाई घंटे तक यातायात बाधित रहा था। विद्यार्थियों की सबसे बड़ी शिकायत रसायन विज्ञान के शिक्षक को लेकर थी क्योंकि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद से अब तक इस विषय की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है।
स्कूल का समय सुबह 10:30 बजे है लेकिन कक्षा में जाने के बजाय छात्र सड़क पर पहुंच गए। विद्यार्थियों ने जिला शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सत्र शुरू होने से पहले ही शिक्षकों की कमी सामने थी। इसके बावजूद इसे दूर करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
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विद्यार्थियों के मुताबिक, स्कूल में इस साल रसायन विज्ञान का एक भी शिक्षक नहीं है। हिंदी और संस्कृत के लिए भी विषय विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। इन विषयों की जिम्मेदारी दूसरे विषयों के शिक्षकों को देकर किसी तरह पढ़ाई कराई जा रही है लेकिन रसायन विज्ञान की कक्षाएं अब तक शुरू नहीं हुई हैं। विद्यार्थियों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इसी महीने से तिमाही परीक्षाएं प्रस्तावित हैं और उन्होंने रसायन विज्ञान का एक भी अध्याय नहीं पढ़ा है।
छात्रों ने तत्काल रसायन विज्ञान के शिक्षक की व्यवस्था करने की मांग रखी। उनका कहना था कि पिछले साल जिला खनिज न्यास निधि यानी डीएमएफ से अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई थी लेकिन इस साल ऐसी व्यवस्था नहीं होने से शिक्षकों की कमी और गंभीर हो गई।
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छात्रों के सड़क पर बैठने की जानकारी मिलने के बाद वाड्रफनगर के विकासखंड शिक्षा कार्यालय के कर्मचारी और आसपास के संकुल समन्वयक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाने और जाम खत्म कराने की कोशिश की लेकिन छात्र शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव से वीडियो कॉल के जरिए छात्रों की बातचीत कराई। विद्यार्थियों ने शिक्षकों के अलावा स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उनके सामने रखा।
वीडियो कॉल पर जिला शिक्षा अधिकारी ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि 15 दिन के भीतर स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर करने की व्यवस्था की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद विद्यार्थियों ने दोपहर करीब 1 बजे सड़क से हटकर स्कूल में प्रवेश किया और प्रदर्शन समाप्त किया।
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जानकारी के अनुसार, इस साल डीएमएफ की राशि से सामग्री खरीद पर जोर दिए जाने के कारण अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था को लेकर निर्णय नहीं हो पाया। इसी वजह से स्कूल में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। वहीं, स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि शिक्षकों की कमी की जानकारी उन्होंने पहले ही उच्च अधिकारियों को दे दी थी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी के रायपुर में प्रशिक्षण में होने के कारण कार्यालय के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया।