देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर जारी बहस के बीच भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में पोस्ट ग्रेजुएट (PG) परीक्षाओं के प्रश्नपत्र चोरी होने का मामला सामने आया है। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले इस घटना का खुलासा हुआ। जिसके बाद चौथे सेमेस्टर की परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (UTD) के स्कूल ऑफ बायोमॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा शाखा से करीब नौ अलग-अलग विषयों के प्रश्नपत्रों के सीलबंद बंडल गायब मिले हैं। मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों हरकत में आ गए हैं।
घटना शुक्रवार सुबह उस समय सामने आई जब स्कूल ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के चौथे सेमेस्टर (AIML) और स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के सेकेंड ईयर (चौथे सेमेस्टर) के कंप्यूटर विषय की परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को अंतिम समय पर बताया गया कि प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं हैं। जिसकी वजह से परीक्षा भी आयोजित नहीं की जा सकी। अचानक परीक्षा रद्द होने से छात्रों में नाराजगी और असमंजस का माहौल बन गया।
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प्राथमिक जांच में सामने आया है कि परीक्षा शाखा के ताले तोड़कर अज्ञात लोग प्रश्नपत्रों के बंडल चोरी कर ले गए। बताया जा रहा है कि चोरी गुरुवार देर रात हुई थी। चोरी होने वाले प्रश्नपत्रों में आने वाली PG परीक्षाओं के गोपनीय पेपर भी शामिल थे। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा प्रभारी डॉ. भूपेंद्र सिंह की शिकायत पर भोपाल के गांधीनगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305(a) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था, रिकॉर्ड, प्रश्नपत्रों के रख-रखाव की प्रक्रिया और संभावित संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसका उद्देश्य क्या था।
इस घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, जिस स्थान पर गोपनीय प्रश्नपत्र रखे गए थे वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और प्रभावी CCTV निगरानी का अभाव था। ऐसे में परीक्षा जैसे संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
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विश्वविद्यालय के कुलपति ने पूरे मामले की जांच के आदेश देते हुए संबंधित विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परीक्षाओं की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी ताकि छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों पर कम से कम असर पड़े।
मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अरुण सुभाषचंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि आरजीपीवी की पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षाओं के प्रश्नपत्र चोरी नहीं बल्कि लीक हुए हैं। उन्होंने लिखा कि जब परीक्षा की गोपनीयता ही सुरक्षित नहीं है तो युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं केवल लापरवाही नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती हैं और प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
साथ ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा शासन में चोरी व्यवस्था का हिस्सा बनती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले वोट, फिर सीट और जमीन से जुड़ी घटनाओं के बाद अब प्रश्नपत्र चोरी का मामला सामने आया है। सिंघार ने इसे केवल पेपर चोरी नहीं बल्कि युवाओं की मेहनत, विश्वास और भविष्य की चोरी बताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
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