उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे दिग्विजय सिंह, दो अक्टूबर से शुरू होगी यात्रा

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ा ऐलान किया है। वे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से भगवान राम की नगरी अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे। यह यात्रा 2 अक्टूबर 2026 से उज्जैन से शुरू होगी।

Updated: Jul 03, 2026, 06:46 PM IST

भोपाल। राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बीजेपी और RSS की चौतरफा फजीहत हो रही है। इस घटना को लेकर देशभर में रामभक्तों में आक्रोश है। इस बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ा ऐलान किया है। कांग्रेस नेता ने घोषणा की है कि वे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से लेकर राम नगरी अयोध्या तक पैदल यात्रा करेंगे। यात्रा की शुरुआत 2 अक्टूबर को होगी।

कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को अपने भोपाल स्थित आवास के बाहर "चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित" के पोस्टर भी लगवाए हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर विहिप और RSS के लोगों ने करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ कुठाराघात किया है। सिंह ने कहा कि इसी तरह उज्जैन महाकाल मंदिर में भी चोरी हो रही है। सिंह ने इस चोरी के खिलाफ उज्जैन से लेकर अयोध्या तक पैदल यात्रा का ऐलान किया है।

दिग्विजय सिंह ने कहा, 'राम मंदिर निर्माण के लिए दो बार चंदा ली गई। भगवान श्रीराम के प्रति आपार श्रद्धा व आस्था होने के कारण दोनों बार हम जैसे करोड़ों राम भक्तों ने चंदा दिया। लेकिन जो शिकायतें आ रही हैं वो आपके सामने है। प्रतिदिन आने वाले चढ़ावे में दस से बीस फीसदी की चोरी हो रही थी। इसलिए मैंने फैसला लिया है कि मैं कोर्ट में दावा पेश करूंगा कि जो चंदा मैंने दिया है उसे वापस किया जाए। उसके बाद वो राशि रामलय ट्रस्ट को दी जाएगी।'

सिंह ने आगे कहा कि जिस प्रकार से अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद और RSS के संगठनों ने चंदा चोरी किया है उसी तरह उज्जैन में भी चोरी हो रही है। उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास एक भूमि सुन्दरलाल पटवा की सरकार ने RSS के ट्रस्ट को दे दिया। वहां इन्होंने रेस्ट हाउस बनाया था लेकिन अब सरस्वती शिशु मंदिर को तोड़कर वहां 100 कमरों का होटल खोल रहे हैं। वहां रुकने वालों को VIP दर्शन कराए जाते हैं और पैसे वसूले जाते हैं। इसलिए मैं उज्जैन से लेकर अयोध्या तक दो अक्टूबर से पदयात्रा शुरू करूंगा।

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि ये यात्रा पूरी तरह गैर राजनीतिक होगी। किसी पार्टी का झंडा नहीं होगा। इस यात्रा में वे सभी लोग शामिल होंगे जिनकी भगवान राम में आस्था है और जिन्होंने मंदिर निर्माण में चंदा दिया था। सिंह ने दोहराया कि यह यात्रा पूरी तरह गैर राजनीतिक होगी और इस दौरान वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करेंगे।