उज्जैन में मूसलाधार बारिश से उफान पर शिप्रा, उफनती नदी में बहा पंचायत सचिव
उज्जैन में गुरुवार रात से जारी भारी बारिश के कारण शिप्रा नदी उफान पर है और घाटों के मंदिर डूब गए हैं। पानी के तेज बहाव में दो बाइक सवार बह गए। जिनमें से एक लापता है।
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में गुरुवार रात से लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण पवित्र शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। जिसकी वजह से घाटों पर बने कई छोटे मंदिर जलमग्न हो गए। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर लोगों की आवाजाही रोक दी है और शिप्रा तैराक दल व होमगार्ड की तैनाती कर दी है। दूसरी ओर उफनते नालों और पुलियों को पार करने के दौरान दो बाइक सवार बह गए। इनमें एक युवक ने पेड़ का सहारा लेकर अपनी जान बचा ली थी। जबकि, पंचायत के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा का शुक्रवार सुबह तक कोई सुराग नहीं मिल सका।
लगातार बारिश के चलते उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं। गुरुवार रात शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक रुक-रुक कर जारी रही। जिसकी वजह से शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और घाटों पर स्थित कई मंदिरों में पानी भर गया। इसके चलते तर्पण, पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को घाटों पर जाने से रोक दिया गया। प्रशासन ने संभावित हादसों को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
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बारिश का असर शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। बड़नगर रोड पर गांवड़ी लोधा ग्राम पंचायत के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में एक पुलिया पर पानी बह रहा था। बताया गया कि पुलिया पार करने के प्रयास में तेज बहाव उन्हें बाइक सहित बहा ले गया।
इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास के अनुसार, सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ (SDERF) की टीम मौके पर पहुंची और रात में तलाश अभियान शुरू किया गया। देर रात घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर उनकी बाइक बरामद हो गई लेकिन अंधेरा और तेज बहाव होने के कारण रेस्क्यू अभियान बाधित रहा। शुक्रवार सुबह फिर से खोज अभियान शुरू किया गया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक उनका पता नहीं चल सका है।
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इसी दौरान जगोटी-खेड़ाखजुरिया मार्ग स्थित झालड़ा खाल की रपट पर एक अन्य युवक भी मोटरसाइकिल सहित तेज बहाव में बह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक ने बहते समय झाड़ियों और एक पेड़ को पकड़कर किसी तरह अपनी जान बचा ली थी। हालांकि, उसकी बाइक पानी में बह गई।
लगातार बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई कॉलोनियों में नालियों का पानी सड़कों पर फैल गया। जिसकी वजह से यातायात प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। हालांकि, बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लंबे इंतजार के बाद अच्छी वर्षा होने से किसानों में भी राहत और उम्मीद का माहौल है।
जीवाजी वेधशाला के अनुसार, गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक करीब 2.8 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, मानसून सीजन की शुरुआत से अब तक जिले में लगभग 12 इंच बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में भी उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से उफनते नालों, रपटों और पुलियों को पार नहीं करने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
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