मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के सक्रिय सिस्टम के कारण पूरा प्रदेश इसकी चपेट में है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भोपाल और ग्वालियर समेत 45 जिलों में तेज आंधी, गरज चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इस मौसम बदलाव का असर प्रदेश के कई जिलों में साफ दिखने लगा है लेकिन सबसे ज्यादा असर सिवनी जिले में देखने को मिला है। यहां रिमझिम बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने दो परिवारों को उजाड़ दिया। बरघाट के मंडी गांव में बिजली गिरने से 6 वर्षीय प्रांशू मरकाम की मौत हो गई। जबकि, डूंडा सिवनी के बंजारी गांव में रमजान खान की भी जान चली गई।
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शनिवार सुबह सतना में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। वहीं, नर्मदापुरम और नरसिंहपुर में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी। रायसेन जिले में रामपुर मनियाखेड़ी रोड के आसपास कई खेतों में खड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई। जिसकी वजह से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के बीच से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। जबकि, ऊपरी हिस्से में एक और ट्रफ सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बने हुए हैं। जिसकी वजह से मौसम और ज्यादा अस्थिर हो गया है। इसी कारण जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में ओलावृष्टि के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।
भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में भी आंधी-बारिश का असर बने रहने की आशंका जताई गई है।
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मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। आगामी 7 अप्रैल तक कई जिलों में हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा रह सकती है। जबकि, अन्य क्षेत्रों में यह 30-40 किमी प्रति घंटा के बीच रहेगी।
इसके बाद 7 अप्रैल से एक नया वेसटर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है। यह आगामी 10 अप्रैल तक मौसम को प्रभावित करेगा। इस दौरान कहीं तेज हवाएं चलेंगी तो कहीं बारिश जारी रहेगी। हालांकि, इसके बाद सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ ही प्रदेश में गर्मी तेजी से बढ़ेगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं, दतिया, मुरैना और श्योपुर समेत कई जिलों में भी तापमान में तेज बढ़ोतरी होगी।
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विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अप्रैल और मई गर्मी के चरम महीने होते हैं। यदि तापमान सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा हो जाता है तो उसे हीट वेव माना जाता है। जबकि, 6.5 डिग्री अधिक होने पर स्थिति गंभीर हीट वेव की श्रेणी में आती है।
इस साल फरवरी और मार्च में भी मौसम ने कई बार करवट ली थी। फरवरी में चार बार ओले, बारिश और आंधी का दौर चला था। जिसकी वजह से फसलों को नुकसान हुआ था। मार्च में भी चार बार मौसम बदला और 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश और 17 जिलों में ओलावृष्टि हुई थी। जिसकी वजह से गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुई थी।