खरगोन फायरिंग केस में बड़ी कार्रवाई, लॉरेंस गैंग के नाम पर फिरौती मांगने वाले 12 आरोपी गिरफ्तार

खरगोन के कॉटन कारोबारी दिलीप राठौर के घर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपये मांगने वाली गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने मास्टरमाइंड राजपाल सिंह सहित 12 आरोपियों को दबोचा।

Updated: Apr 03, 2026, 07:15 PM IST

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीलगांव में जैविक कॉटन कारोबारी दिलीप सिंह राठौर के घर पर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। नागदा के राजपाल सिंह चंद्रावत के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने शुक्रवार को इस गैंग से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए धमकी दी थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी उज्जैन, देवास, रतलाम, धार और खरगोन जिलों के रहने वाले हैं। उन्होंने साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने इनके पास से तीन कार, एक बाइक, 10 मोबाइल फोन, चार पिस्टल, 10 कारतूस और दो खाली खोखे बरामद किए हैं। हालांकि, विदेशी नंबर से फिरौती मांगने वाला आरोपी हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर अभी फरार है।

घटना बीते 16 मार्च की रात की है। इसकी शिकायत अगले दिन भीलगांव निवासी सत्येंद्र राठौड़ ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें और उनके पिता दिलीप राठौड़ को एक इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया था। उस दौरान कॉल करने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि वह लॉरेंस गैंग से जुड़ा है और फायरिंग उसी ने करवाई है। कॉल के साथ आरोपियों ने फायरिंग का वीडियो भी भेजा और 10 करोड़ रुपये नहीं देने पर जान से मारने और अगली बार घर पर हैंड ग्रेनेड फेंकने की धमकी दी थी।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे मामले की जड़ में पैसों का पुराना विवाद था। आरोपी सचिन पाटीदार और लोकेन्द्र पंवार पहले से ही दिलीप राठौड़ को जानते थे और उनके बीच लेन देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के नाम पर संदीप प्रजापति ने गैंग से संपर्क होने का दावा किया और राजपाल सिंह से जोड़ते हुए पूरी साजिश को अंजाम दिया गया।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने कई बार फायरिंग की कोशिश की थी। बीते 26 फरवरी को पहली बार दिलीप राठौड़ का घर चिन्हित कराया गया था। जबकि, 2 मार्च और 11 मार्च को भी फायरिंग का प्रयास किया गया था लेकिन पिस्टल नहीं चलने के कारण योजना विफल रही थी। आखिरकार 16 मार्च को आरोपी पल्सर बाइक और कार के जरिए पहुंचे और घर पर गोली चलाई थी। साथ ही घटना का वीडियो बनाकर राजपाल को भेजा भी गया था। जिसके बाद 17 मार्च को फिरौती की मांग की गई थी।

पुलिस ने इस मामले में लोकेन्द्र पंवार, सचिन पाटीदार, अमित बडगोत्या, मलखान उर्फ विजेंद्र सिसोदिया, कृष्णपाल उर्फ अंशु, शिवा बिलगडे, ऋतिक उर्फ जंजीरा, रोहित मालवीया, केन्या, शाहरुख खान और राजा खान सहित कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, जावेद, रवि चौहान, राहुल बाबा, कुलदीप सिंह, संदीप प्रजापति और केस खान सहित कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं।

मुख्य आरोपी राजपाल सिंह चंद्रावत का आपराधिक रिकॉर्ड भी गंभीर है। उससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी पूछताछ कर चुकी है। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, लूट, आर्म्स एक्ट और एक्सटॉर्शन जैसे कई मामले दर्ज हैं। राजपाल, संदीप प्रजापति और हैरी बॉक्सर पर पहले से 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पुलिस की विशेष टीम बनाई गई थी। इसमें एएसपी शकुंतला रूहल, एसडीओपी श्वेता शुक्ला सहित कई थाना प्रभारियों और हरियाणा एसटीएफ की टीम ने मिलकर काम किया। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले की जांच जारी है।