भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर 15 दिन से चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन अब राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। जन्माष्टमी पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव का काफिला रोके जाने के एक दिन बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह नीलम पार्क पहुंचे और आंदोलनरत अभ्यर्थियों के साथ धरने पर बैठ गए। शिक्षक दिवस के मौके पर दिग्विजय सिंह ने उनके आंदोलन को समर्थन दिया।
वह इससे पहले भी अभ्यर्थियों से मिलने पहुंच चुके हैं और उनकी मांगों को उचित बताते हुए दोबारा आंदोलन में शामिल होने की बात कही थी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने वहां अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर उनका भूख हडताल खत्म कराया।
जहांगीराबाद स्थित नीलम पार्क में वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के उम्मीदवार अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे करीब तीन साल से भर्ती में पद बढ़ाने और लंबित पदों पर काउंसलिंग की मांग उठा रहे हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार, उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में कुल 8,720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे। पहली काउंसलिंग में इनमें से सिर्फ 2,901 पदों पर नियुक्तियां हुई हैं। उनका दावा है कि 5,819 पदों पर अब तक काउंसलिंग नहीं हुई है। अभ्यर्थियों ने 10 हजार नए पद जोड़कर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग रखी है।
अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिए ज्ञापन में कहा कि शिक्षक भर्ती करीब पांच साल के अंतराल के बाद हुई थी। लंबे इंतजार के कारण कई उम्मीदवार उम्र सीमा पार करने की स्थिति में पहुंच गए हैं। उनका यह भी कहना है कि साल 2023 में पहली बार पात्रता परीक्षा के बाद मुख्य चयन परीक्षा कराई गई थी। यानी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को दो चरणों से गुजरना पड़ा था। उनके मुताबिक, विज्ञापित 8,720 पदों में केवल 5,052 पद ही नए पद थे।
वहीं, शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी भी नीलम पार्क में करीब 15 दिनों से धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं। इन उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
वर्ग-2 के अभ्यर्थियों ने कम से कम 10 हजार अतिरिक्त पद जोड़ने की मांग की है। इसके साथ ही विषय शिक्षक, खेल, संगीत, नृत्य, गायन और वादन सहित सभी विषयों में कम से कम 3 हजार अतिरिक्त पद स्वीकृत करने की मांग रखी गई है। वर्ग-3 के उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाकर 25 हजार करने और दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने खाली पदों का आंकड़ा भी रखा है। उनके अनुसार, 27 दिसंबर 2024 तक स्कूल शिक्षा विभाग में 99,197 माध्यमिक शिक्षक और 1,31,152 प्राथमिक शिक्षक के पद रिक्त थे। जनजातीय कार्य विभाग में भी माध्यमिक शिक्षकों के 43,734 और प्राथमिक शिक्षकों के 54,625 पद खाली बताए गए हैं।
आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर रिक्तियां होने के बावजूद मौजूदा भर्ती में माध्यमिक शिक्षकों के सिर्फ 10,800 और प्राथमिक शिक्षकों के 13,089 पदों को शामिल किया गया है। इसी आधार पर वे भर्ती के दायरे को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने बजट सत्र में स्वीकृत 15 हजार नए शिक्षक पदों को भी मौजूदा वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती में शामिल करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इन पदों को वर्तमान भर्ती में जोड़ने से अलग से भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा आयोजित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे सरकार का समय और खर्च दोनों बच सकते हैं।