नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लालकिले से देश को संबोधित करते हुए युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग देने की घोषणा की। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने की बात कही। पीएम ने 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिए 5 से 15 साल के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने और उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए बड़े स्तर पर टैलेंट हंट शुरू करने का भी ऐलान किया।
पीएम मोदी ने कहा कि बदलती तकनीक और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए युवाओं को नई क्षमताओं से लैस करना जरूरी है। सरकार आने वाले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देगी। ताकि वे आने वाले रोजगार और तकनीकी बदलावों के लिए तैयार हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन फ्री कोचिंग की ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी। जिसका लाभ खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों को मिल सके।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में खेलों पर भी खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने 2036 में ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य रखा है और इसके लिए तैयारी अभी से शुरू करनी होगी। भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी करेगा। पीएम ने कहा कि दुनिया में करीब 40 तरह के खेल और लगभग 325 प्रकार की स्पर्धाएं होती हैं लेकिन इनमें से करीब दो तिहाई स्पर्धाओं में भारत क्वालिफाई तक नहीं कर पाता।
उन्होंने कहा कि देश को सिर्फ उन खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए जिनमें भारत पहले से मजबूत है। जिन खेल विधाओं में भारतीय खिलाड़ी मौजूद नहीं हैं वहां भी प्रतिभा तैयार करनी होगी। इसके लिए 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने का अभियान चलाया जाएगा। चयनित बच्चों को शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण देकर भविष्य के लिए अच्छे खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे।
पीएम ने कहा कि खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के अवसर दिए हैं। अब जरूरत देश के हर हिस्से में छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे उचित प्रशिक्षण देने की है ताकि 2036 के ओलंपिक के लिए मजबूत खिलाड़ी तैयार किए जा सकें।
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी युवाओं की भागीदारी दिखाई दी। करीब 2,500 NCC कैडेट और MY Bharat वॉलंटियर्स ने ज्ञानपथ पर वंदे मातरम की आकृति बनाई। लालकिले पर पहली बार वंदे मातरम का गायन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने 13वीं बार लालकिले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई।
अपने संबोधन में पीएम ने देश को अगले कुछ सालों में नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए शक्ति की सप्तधारा का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 से 7 साल में ऐसा बदलाव लाने का लक्ष्य होना चाहिए जो पिछले 5 से 7 दशकों में हासिल नहीं हो सका।
प्रधानमंत्री ने तकनीक और इनोवेशन को सप्तधारा की तीसरी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया अब डेटा सेंटर, AI, क्वांटम और दूसरी उभरती तकनीकों के दौर में पहुंच चुकी है। भारत को इनोवेशन का हब बनना होगा और अपनी डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना होगा।
इसी संदर्भ में युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने की घोषणा को अहम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI से जुड़ी ट्रेनिंग देकर उन्हें भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में बढ़ते संकटों के बीच देश को अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान देश को वैक्सीन, डीजल, गैस और खाद की उपलब्धता को लेकर डराया गया, लेकिन भारत ने इन चुनौतियों के बीच अपनी आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखी।
उन्होंने बताया कि दुनिया में यूरिया करीब 3,000 रुपये में मिलने के बावजूद भारत किसानों को इसे 300 रुपये में उपलब्ध करा रहा है। DAP भी किसानों को 1,350 रुपये में दिया जा रहा है। पीएम ने रेलवे के करीब 70 प्रतिशत विद्युतीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली से ट्रेन चलने से पर्यावरण को भी फायदा हुआ है। उन्होंने देश में पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू होने की बात भी कही।
सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि देश में अब तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और वहां से निर्यात भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि चिप आज लगभग हर क्षेत्र के लिए जरूरी है और इसके बिना आधुनिक दुनिया की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने भारत की कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने का लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फॉर्च्यून-500 सूची में भारत की 50 कंपनियां होनी चाहिए। दुनिया की टॉप-5 बैंकों में भारत की कम से कम एक बैंक शामिल हो और भारतीय कंसल्टिंग व अकाउंटिंग कंपनियां भी वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करें।
उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि भारत को छोटे पुर्जों से लेकर कंपोनेंट और पूरी मशीन तक बनाने की क्षमता विकसित करनी होगी। वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की पहचान गुणवत्ता और विश्वसनीयता से होनी चाहिए और क्वालिटी से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
पीएम ने सप्तधारा की छठी शक्ति के रूप में ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी का उल्लेख किया। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। ब्लू इकोनॉमी के लिए भारत की लंबी समुद्री तटरेखा, मत्स्य पालन, कोस्टल टूरिज्म और समुद्री तकनीक को बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया।
रक्षा को उन्होंने सप्तधारा की पांचवीं शक्ति बताया। पीएम ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का महत्व भारत और दुनिया दोनों ने महसूस किया है। साइबर सुरक्षा को भी उन्होंने रक्षा का अहम हिस्सा बताया और कहा कि इसमें युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सप्तधारा की चौथी शक्ति के रूप में पीएम ने गति शक्ति का उल्लेख किया। उन्होंने देश में तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी बढ़ाने, शहरों को मेट्रो से जोड़ने और बंदरगाहों के आसपास विकास को आगे बढ़ाने की बात कही।
दूसरी शक्ति के तौर पर उन्होंने किसानों तथा फूड प्रोडक्शन और प्रोसेसिंग को रखा। पीएम ने कहा कि भारत के मसाले, फल, फूल और अन्य खाद्य उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाएं। इसके लिए उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग तक पूरी व्यवस्था को मजबूत करना होगा।
सप्तधारा की सातवीं शक्ति के रूप में प्रधानमंत्री ने भारत की सॉफ्ट पावर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योग ने पूरी दुनिया को भारत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हस्तशिल्प, संस्कृति, फिल्म, गेमिंग, VFX, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में भी भारत अपनी वैश्विक पहचान मजबूत कर सकता है।
पीएम ने कहा कि इन क्षेत्रों को भारत की वैश्विक सामर्थ्य के रूप में विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट का भी जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भारत की इस पहल का इंतजार करती है।
प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल को देशवासियों की सोच से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता सिर्फ सरकारी नीति नहीं, बल्कि देश की सामूहिक ताकत बननी चाहिए।
इसी दौरान पीएम ने ऐसे लोगों पर भी निशाना साधा जो युवाओं को भटकाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने देश को दिमागी नक्सलियों से बचाने की जरूरत बताई और कहा कि युवाओं को गलत दिशा में जाने से रोकना जरूरी है।