नई दिल्ली। देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस का परेड जारी है। इस मौके पर विपक्षी दल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देशवासियों के नाम संदेश जारी किया है। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि हमें लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर बलिदान देने के लिए तैयार रहना होगा।

खड़गे ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा, "मेरे प्यारे देशवासियों, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैं आप सभी को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। भारतीय संविधान को अपनाए हुए 77वें साल में हम प्रवेश कर रहे हैं। संविधान भारतीय गणतंत्र की आत्मा है। हम महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आज़ाद, सरोजिनी नायडू, बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर और अनगिनत अन्य नायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हैं, जिनके अटूट समर्पण से भारतीय गणतंत्र को आकार मिला।"

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, "हम संविधान सभा के सभी सदस्यों का स्मरण करते हुए उनके असाधारण ज्ञान और दूरदर्शिता के प्रति विनीत हैं, जिन्होंने एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ तैयार किया, जो विविधता में एकता के साथ हमारी आकांक्षाओं और सामूहिक इच्छा का प्रतीक है। हम अपनी सेना, अर्धसैनिक बलों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों के हर सदस्य को दिल से सलाम करते हैं, जिनका अनुकरणीय साहस और बलिदान राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की सतत रक्षा करता हैं।"

खड़गे ने कहा, "हम अपने वैज्ञानिकों और शिक्षकों के भी उतने ही आभारी हैं, जिनका राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान भारत की प्रगति को मजबूत करता है और ज्ञान, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में हमारी स्थिति मजबूत करता है। हम अपने अन्नदाता किसानों के ऋणी हैं, जो श्रम से राष्ट्र का पेट भरते हैं और हर थाली तक भोजन पहुंचाते हैं। हम करोड़ों दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिकों और गिग वर्कर्स के प्रति भी अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनके अथक हाथों से भारत ईंट दर ईंट खड़ा होते हुए आगे बढ़ रहा है। हम अपने कलाकारों, लेखकों और खिलाड़ियों की भी सराहना करते हैं।"

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, "आज, करोड़ों मनरेगा मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला हो रहा है। उनकी आजीविका छीनी जा रही है। जमीनी स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। वर्षों की मेहनत से बनाया गया अधिकार-आधारित सामाजिक कल्याण मॉडल तुगलकी फरमानों से खत्म किया जा रहा है। आज संस्थागत गिरावट चरम पर है। वोट देने का अधिकार, जो लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ है, उसे ध्वस्त किया जा रहा है। नागरिक अधिकार कुचला जा रहा है। संघीय ढांचे पर यह सरकार प्रहार कर रही है। "डबल इंजन" की सरकार विपक्ष शासित राज्यों को नुकसान पहुंचाने के लिए सभी संभव षडयंत्र रच रही है। जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो पानी हम पीते हैं और जो खाना हम खाते हैं - वे सभी भ्रष्टाचार के कारण प्रदूषित हो गए हैं।"

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "हमारी भावी पीढ़ियां इस भ्रष्टाचार की कीमत चुका रही हैं। देश के कई हिस्सों में पुल गिर रहे हैं। नई बनीं सड़कें टूट रही हैं, पानी की टंकी उद्घाटन के पहले ही गिर रही है। "स्मार्ट" बनने के बजाय, हमारे शहर आम नागरिकों, खासकर सीनियर सिटीजन, बच्चों और दिव्यांगजनों के रहने लायक नहीं रह गए हैं। स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा गया है। हमारा स्वास्थ्य का ढांचा किफायती नहीं रहा। CAG ने पाया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 41% कार्ड फर्जी थे और 34% की जांच चल रही थी।"

खड़गे ने कहा, "आज बेरोजगारी अपने चरम पर है और युवाओं को नौकरी देने के बजाय प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 94% तक भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसका खुलासा CAG की रिपोर्ट में हुआ है। आर्थिक असमानता खतरनाक हद तक पहुंच गई है। चंद चहेते अरबपति दोस्तों को देश के कीमती संसाधन सौंपे जा रहे हैं, जबकि छोटे और मध्यम कारोबारी परेशान हैं। पिछले एक दशक में धार्मिक कट्टरपंथ पर आधारित एक कड़वे और विभाजनकारी एजेंडे ने हमारे देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ दिया है। हमारे सबसे कमजोर समूह, जिनमें SC, ST, महिलाएं, हाशिए पर पड़े लोग और अल्पसंख्यक शामिल हैं, उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उनके खिलाफ हिंसा और अत्याचार की घटनाओं को सरकार नजरअंदाज कर रही है।"

उन्होंने आखिर में कहा कि, "स्वतंत्रता सेनानियों के धर्मनिरपेक्ष आदर्शों और सिद्धांतों के प्रति समर्पित नागरिकों को महसूस हो रहा है कि उन्हें सुनियोजित प्रोपेगेंडा के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। इसलिए, मेरे प्यारे देशवासियों, समय की जरुरत है कि हम अपने संविधान के सिद्धांतों और भावना की रक्षा में मजबूती से खड़े हों। न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा.. ये वे स्थायी मूल्य हैं, जो हमारे संस्थापकों ने हमें दिए हैं और इनकी रक्षा करना हमारा पवित्र कर्तव्य है। आइए, हम संविधान की रक्षा के लिए हर जरूरी बलिदान देने के लिए तैयार रहें। यही हमारे पूर्वजों के बलिदानों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। एक बार फिर, मैं गणतंत्र दिवस के इस गौरवपूर्ण अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।"