नई दिल्ली। दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बर्बाद किया जा रहा है और यह लड़ाई अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही आंदोलन है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश का इस्तीफा हमारा मिशन है।
दरअसल, राहुल ने अपने आवास पर विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों को चाय पर चर्चा के लिए बुलाया था। बैठक में ज्ञानेश कुमार और SIR के विरोध में आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने प्रेस को संबोधित किया।
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा और वह अपने लक्ष्य तक पहुंचकर रहेगा। उन्होंने कहा कि इसमें कल, परसों या दो साल भी लग जाएं, उनकी टीम रुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस ऊर्जा, ताकत और एकजुटता के साथ हमने आंदोलन किया है, उसी भावना के साथ मिलकर लड़ते रहेंगे।
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि अगर BJP सोचती है कि वह लोकतंत्र की नींव पर हमला कर सकती है और जब लोग अपने वोटिंग अधिकारों की मांग के लिए सड़कों पर उतरें, तो उनका विरोध करने का अधिकार भी छीन लिया जाएगा और वे चुप रहेंगे, तो BJP गलतफहमी में है।
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली में वोट चोरी और SIR के खिलाफ 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू किया गया था, लेकिन सरकार ने इसे कुचल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस चलाई गई।
भूषण ने कहा कि आंदोलन को रोका नहीं जा सकता, क्योंकि विरोध प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि अब इस विरोध में कई और संगठन शामिल होंगे। किसान संगठनों के साथ सिविल सोसाइटी और ट्रेड यूनियन भी आंदोलन में शामिल होंगे।