कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक 10 दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया है। उन्हें कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोमवार शाम दिल्ली में पकड़ा गया। ED की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं।
दरअसल, राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति बनाती है। साल 2021 के चुनाव में भी प्रशांत किशोर के नेतृत्व में I-PAC ने ही TMC का चुनावी रणनीति तैयार किया था। इस बार के चुनाव में भी I-PAC को ही TMC की कैंपेन स्ट्रेटजी डिजाइन करने का जिम्मा है।
बहरहाल, चंदेल की गिरफ्तारी पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनाव से 10 दिन पहले हुई यह कार्रवाई निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाती है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग और ED, NIA, CBI जैसी एजेंसियों की चुनाव जैसे संवेदनशील समय पर कार्रवाई से डर का माहौल बनता है, निष्पक्षता का नहीं।
बनर्जी ने कहा कि अमित शाह और BJP, ज्ञानेश कुमार और अपनी हर एजेंसी के साथ 4-5 मई को बंगाल आएं। बंगाल न डरेगा, न चुप रहेगा और न झुकेगा। यहां दबाव का जवाब विरोध से दिया जाता है। बता दें कि विनेश चंदेल I-PAC के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और इस राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म के संस्थापकों में शामिल हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर, प्रतीक जैन और ऋषिराज सिंह के साथ मिलकर इस कंपनी की नींव रखी थी।