भिंड। मध्यप्रदेश के भिंड जिले में नौतपा के दौरान मौसम ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। जिसकी वजह से जिले के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ। तेज आंधी, तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि, दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। खराब मौसम के कारण पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। कई जगह पेड़, मकानों की छतें और दीवारें गिरने से व्यापक क्षति हुई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे शुरू कर दिया है।

हात थाना क्षेत्र के सदारीपुरा और चरथर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इसी घटना में चार बकरियां भी बिजली की चपेट में आकर मर गई। हादसे के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग लगातार बदलते मौसम को लेकर चिंतित हैं। वहीं, गोहद क्षेत्र के सर्वा गांव में तेज तूफान के दौरान एक तबेले की दीवार ढह गई। मलबे की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई। जबकि, दो अन्य भैंसें घायल हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, तेज हवाओं ने क्षेत्र में कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया है।

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गोहद में एक अन्य घटना में पूर्व कृषि उपज मंडी समिति अध्यक्ष के पुत्र जितेंद्र सिंह तोमर की जान चली गई। जानकारी के मुताबिक, वह रात के समय घर की छत के नीचे सो रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी के कारण छत की पटिया टूटकर उनके ऊपर गिर गई। गंभीर रूप से घायल होने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।

मौ क्षेत्र के अतरसोंहा गांव में भी मौसम की वजह से बड़ा हादसा हुआ। जगमोहन सिंह गुर्जर के मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इसके नीचे तीन भाई दब गए। सूचना मिलने पर ग्रामीणों और पुलिस ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद 50 वर्षीय शिव कुमार गुर्जर को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, 45 वर्षीय रामवीर सिंह गुर्जर और 65 वर्षीय अमर सिंह गुर्जर घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

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मेहगांव क्षेत्र में तेज आंधी के दौरान एक पेड़ ऑटो पर गिर पड़ा। इस घटना में चालक सुरक्षित बच गया लेकिन ऑटो को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी तरह जिले के कई इलाकों में पेड़ उखड़ने और संरचनाएं क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आई हैं।

तूफान के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिर जाने से रातभर अनेक इलाकों में अंधेरा छाया रहा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल भी मौसम की मार से अछूता नहीं रहा। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक बड़ा पेड़ गिर जाने से कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हो गया था। मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।

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लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद प्रशासन ने हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया है। विभिन्न विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं और राहत कार्यों की तैयारी की जा रही है। अचानक बदले मौसम और लगातार हो रहे हादसों ने जिले के लोगों में चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें, सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।