उत्तर प्रदेश स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को शनिवार को यूनेस्को की विश्व धरोहर (World Heritage) सूची में शामिल कर लिया गया। यह फैसला दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति (World Heritage Committee) के 48वें सत्र के दौरान लिया गया। इस उपलब्धि के साथ भारत के विश्व धरोहर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 45 हो गई है।
सारनाथ का नाम विश्व धरोहर सूची में शामिल होने से भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। विश्व धरोहर समिति, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े कन्वेंशन के संचालन की प्रमुख संस्थाओं में से एक है और इसी समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इससे पहले अगस्त 2025 में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के दौरान जानकारी दी थी कि भारत ने Ancient Buddhist Site, Sarnath शीर्षक से एक विस्तृत डोजियर यूनेस्को के विश्व धरोहर केंद्र को 2025-26 नामांकन चक्र के लिए भेजा था। उसी प्रस्ताव पर विचार के बाद अब सारनाथ को आधिकारिक रूप से विश्व धरोहर सूची में स्थान मिल गया है।
सारनाथ के शामिल होने के साथ भारत ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में एक और महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर जोड़ी है। जिससे देश की ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मान्यता मिली है।