भोपाल। पीएम मोदी का गुरुवार को 76वां जन्मदिन है। इस मौके पर बीजेपी शासित राज्यों में सेवा-संकल्प अभियान मनाया जा रहा है। इसके तहत शाम 6-7 बजे तक 'आशीर्वाद के दीये' जलाए जाएंगे। मध्य प्रदेश में करीब 58 लाख दीप जलाए जाने का अनुमान है। राज्य सरकार ने शासकीय शिक्षकों और पटवारियों को दीप जलाने की ड्यूटी दी है। इसे लेकर कांग्रेस हमलावर है।
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने कहा कि RTE Act, 2009 की धारा 27 शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने पर स्पष्ट सीमाएं तय करती है, फिर सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय शिक्षकों से दिए जलाने जैसे राजनीतिक कार्यक्रमों में भागीदारी क्यों करवा रही है? उन्होंने कहा कि प्रदेश में कम बारिश के कारण किसानों की फसल प्रभावित हुई है, सरकार को पटवारियों से खेतों का सर्वे और किसानों को राहत दिलाने का काम कराना चाहिए, दीये जलाने का नहीं।
अरुण यादव ने पूछा कि पढ़ाई की जगह प्रचार और सर्वे की जगह दीये, क्या यही भाजपा सरकार की प्राथमिकता है? यादव ने इसके साथ ही शासकीय शिक्षकों और पटवारियों को दीप जलाने की ड्यूटी देने संबंधी आदेश भी साझा किया है। इसमें देखा जा सकता है कि रीवा में जिला शिक्षाधिकारी ने सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों का हवाला देते हुए 'आशीर्वाद का दिया' जलाने हेतु प्राचार्यों को सेक्टर अधिकारी नियुक्त किया है साथ ही उनके साथ 12 शिक्षकों का क्लस्टर बनाया गया है, जिन्हें दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को सुचारू संपन्न कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
एक अन्य आदेश में देखा जा सकता है कि नीमच जिला तहसील कार्यालय ने पटवारियों को स्वामित्व योजना के हितग्राहियों के घर दीप जलाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता रवि वर्मा ने भी बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। वर्मा ने कहा कि लोगों के घरों के चूल्हे बुझे हैं और सरकार दीप जलाने बोल रही है।
उन्होंने आगे कहा कि महंगाई से गरीब बेहाल हैं, बेरोज़गारी से युवा परेशान हैं, पेपर लीक से छात्रों का भविष्य तबाह हो रहा है, लेकिन सत्ता को बस दिखावे की रोशनी चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि जनता पूछ रही है दीया घर में जलेगा या सिर्फ़ भाषणों में?
कांग्रेस प्रवक्ता ने सीएम मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमत्री जी, पहले पेट की आग बुझाइए, फिर दीपक जलाने की नसीहत दीजिए। उन्होंने कहा कि बालाघाट में 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हो गई। कई घरों का चिराग बुझ गया। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में बीजेपी सरकार शोक मनाने की जगह अपने महामानव के जन्मदिन पर दिया जला रही है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।