जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) में गुरुवार को बीए एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर की हिंदी लैंग्वेज परीक्षा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। छात्रों ने प्रश्नपत्र में निर्धारित सिलेबस से बाहर के सवाल शामिल होने का आरोप लगाते हुए परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद छात्र एनएसयूआई के समर्थन में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा के निवास के बाहर धरने पर बैठ गए। स्थिति की जानकारी मिलने पर कुलसचिव और सिविल लाइन थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची।

परीक्षा के दौरान यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट में छात्रों को प्रश्नपत्र बांटे गए। प्रश्नपत्र देखने के बाद कई विद्यार्थियों ने उसमें शामिल सवालों को लेकर आपत्ति जताई। छात्रों ने पर्यवेक्षकों से सवालों के पाठ्यक्रम में होने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद कई छात्रों ने परीक्षा देने से इनकार कर दिया और अन्य विद्यार्थियों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया।

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छात्रों का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित सिलेबस के आधार पर परीक्षा की तैयारी की थी। ऐसे में प्रश्नपत्र में अलग विषयवस्तु से सवाल आने के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हुई। उनका कहना है कि यदि इन प्रश्नों के आधार पर मूल्यांकन किया गया तो इसका असर परीक्षा परिणाम पर पड़ सकता है। विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया की जांच कराने और पूरे मामले में छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए फैसला लेने की मांग की है।

विरोध कर रहे छात्रों का कहना था कि प्रश्नपत्र तैयार करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए था कि उसमें शामिल सभी सवाल निर्धारित सिलेबस के अनुरूप हों। इसी मुद्दे को लेकर छात्र कुलगुरु निवास पहुंचे और धरना शुरू कर दिया।

एनएसयूआई आरडीवीवी प्रभारी अंचलनाथ ने कहा कि विद्यार्थी लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और इसी उम्मीद से परीक्षा देने पहुंचे थे कि प्रश्नपत्र निर्धारित सिलेबस के अनुसार होगा। उनके मुताबिक, छात्र करीब चार घंटे तक कुलगुरु निवास के बाहर बैठे रहे लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।

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मामले पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुनील दुबे ने कहा कि छात्रों की ओर से प्रश्नपत्र में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने की शिकायत सामने आई है। विश्वविद्यालय स्तर पर इसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और उसके आधार पर नियमानुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।