प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। इस बीच शंकराचार्य की सुरक्षा से गंभीर खिलवाड़ का मामला सामने आया है। शनिवार रात कट्टर सनातनी सेना नाम के संगठन के 8 से 10 युवक भगवा झंडा और लाठी-डंडे लिए नारे लगाते पहुंच गए थे। शंकराचार्य के शिविर में घुसने की कोशिश की। 

इस दौरान उपद्रवियों ने 'आई लव बुलडोजर बाबा' और 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगाए। अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से धक्का-मुक्की भी हुई। काफी देर तक उपद्रवी हंगामा करते रहे। इस संगठन का प्रमुख सचिन सिंह नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है। इसके बाद शंकराचार्य के शिष्यों ने शिविर को चारों तरफ से ढंक दिया। अंदर जाने के रास्ते ब्लॉक कर दिए।

शंकराचार्य के शिविर प्रभारी ने थाने में शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि असामाजिक लोग लाठी-डंडे और झंडे लेकर आए थे। जबरन शिविर में घुसकर मारपीट करने पर उतारू थे। शिविर में मौजूद सेवकों ने उन्हें समझाकर बाहर निकाल दिया, लेकिन हालात काफी गंभीर थे। बड़ी घटना हो सकती थी। ऐसे में शंकराचार्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

इस पूरे मामले पर अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर आक्रमण इसलिए किया गया है, क्योंकि हम गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। जितना हमारे ऊपर जुल्म होगा, उतनी ही मजबूती से कदम उठाऊंगा।