नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव में मप्र से कांग्रेस की एकमात्र प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के खिलाफ कांग्रेस सड़क से लेकर संवैधानिक संस्थाओं तक लड़ाई लड़ रही है। दिल्ली में मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, जयवर्धन सिंह समेत कई विधायकों और नेताओं को हिरासत में लिया गया है।
दरअसल, राज्यसभा चुनाव में मप्र से कांग्रेस की एकमात्र प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था। राष्ट्रपति से समय न मिलने के बाद 24 अकबर रोड कांग्रेस दफ्तर से विधायकों ने राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया है।
इधर, मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम इस याचिका पर दखल नहीं देना चाहते हैं। कोर्ट ने कांग्रेस प्रत्याशी को कानूनी विकल्प समझाते हुए कहा कि यदि वे इस फैसले को चुनौती देना चाहती हैं, तो वे चुनाव याचिका के ज़रिए संबंधित हाईकोर्ट का रुख कर सकती हैं।
न्यायालय ने कांग्रेस पार्टी का यह तर्क नहीं माना कि अगर नामांकन खारिज करना गलत या मनमाना हो तो भी सुप्रीम कोर्ट तुरंत हस्तक्षेप करे। अगर ऐसा रास्ता खोला गया तो हर चुनाव मामले में अलग-अलग जांच करनी पड़ेगी, जो संविधान के खिलाफ होगा। इसलिए कोर्ट ने कहा कि इस मामले में Article 32 (अनुच्छेद 32 – सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार) के तहत सुनवाई नहीं हो सकती।