नई दिल्ली। लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि Epstein फाइल का एक हिस्सा अभी रिलीज नहीं हुआ है। बकौल गांधी इसलिए नरेंद्र मोदी अमेरिकी दबाव में हैं और डरे हुए हैं। राहुल गांधी के मुताबिक इसी डर और दबाव के कारण उन्होनें अमेरिकी शर्तों पर ट्रेड डील की।

संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी ट्रेड डील में देश बेच दिया है। आपकी मेहनत को खून-पसीने को बेच दिया है, क्योंकि वे कॉम्प्रोमाइज्ड हैं। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बहुत अधिक दबाव है, और इसकी वजह से उन्होंने ट्रेड डील स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि डील की वजह से भारत के किसानों और कृषि क्षेत्र को बड़ा नुकसान होगा।

राहुल गांधी ने कहा, 'नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं, क्योंकि जिन्होंने उनकी इमेज बनाई वे अब यह इमेज तोड़ रहे हैं। अमेरिका में अडानी पर केस है, यह असल में मोदी पर केस है। वो मोदी जी के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को टारगेट कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि एप्सटीन फाइल के बहुत सारे तथ्य अभी उजागर होने हैं, इसलिए मोदी अमेरिका की बात मानते जा रहे हैं, कहीं न कहीं वह कंप्रोमाइज्ड हैं। 

राहुल गांधी ने कहा, 'पिछले कुछ महीनों से रुका हुआ (अमेरिका-भारत) व्यापार समझौता कल रात नरेंद्र मोदी ने साइन कर दिया. उन पर बहुत दबाव है। नरेंद्र मोदी की छवि खराब हो सकती है। मुख्य बात यह है कि हमारे प्रधानमंत्री की छवि खराब हो गई है।' राहुल ने कहा कि इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के भाषण पर नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया है। जनता को इस बारे में सोचने की जरूरत है।

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को संसद को विश्वास में लेना चाहिए और दोनों सदनों के पटल पर इनके पूरे मसौदे रखे जाएं तथा इन पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, 'एक साल पहले, प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के दोबारा चुने जाने पर उन्हें बधाई देने के लिए व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपनी मशहूर झप्पी कूटनीति का पूरा प्रदर्शन किया। भारत-अमेरिका संबंध इससे पहले कभी इतने संभावनाओं से भरे नहीं लगे थे।'

ट्रम्प ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना अब बंद कर देगा। साथ ही भारत हमसे 500 अरब डॉलर से ज्यादा के ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा।