भोपाल। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बीती रात से मंगलवार सुबह तक प्रदेश के कई जिलों में ओले, बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। शिवपुरी में एक दर्दनाक हादसे में झोपड़ी पर बिजली गिरने से किसान की जिंदा जलकर मौत हो गई। मौसम के इस बदले मिजाज ने जनजीवन के साथ-साथ खेती और परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित किया है।

ग्वालियर और मंदसौर में ओलावृष्टि दर्ज की गई जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है। भोपाल, भिंड, छतरपुर, राजगढ़, आगर मालवा और गुना में बारिश हुई। रायसेन में सुबह ओस की बूंदें जमती दिखीं जिससे ठंड का असर साफ नजर आया। भोपाल और सीहोर में घने कोहरे के कारण विजिबिलीटी 50 मीटर तक सिमट गई यानी 50 मीटर के बाद कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।

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दतिया, रायसेन, उज्जैन, मुरैना, देवास, धार, इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर और शिवपुरी कोहरे की चपेट में रहे। इसके अलावा मंडला, नौगांव, टीकमगढ़ और मलाजखंड में भी मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। खराब मौसम का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से भोपाल और इंदौर आने वाली कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चल रही हैं।

मौसम विभाग ने मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर, रीवा समेत प्रदेश के 20 जिलों में मावठा गिरने का अलर्ट जारी किया है। राहत की बात यह रही कि रात के तापमान में फिलहाल बड़ी गिरावट नहीं आई है और सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।

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आने वाले तीन दिनों के मौसम को लेकर भी पूर्वानुमान जारी किया गया है। 4 फरवरी को शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। 5 फरवरी को राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरे का असर रहेगा। 6 फरवरी को गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा छाने के आसार हैं।

मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। फरवरी के पूरे महीने के रुझान पर नजर डालें तो पहले सप्ताह में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव बना रहेगा। शुरुआती चार दिनों तक बारिश की संभावना जताई गई है। 2 और 5 फरवरी को फिर से नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकते हैं। इनके गुजरने के बाद प्रदेश में ठंड का एक और दौर आने की संभावना है।

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प्रदेश के बड़े शहरों में फरवरी का मौसम अलग अलग तेवर दिखाता है। भोपाल में आमतौर पर रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। 2014 से 2024 के बीच चार सालों में यहां फरवरी में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। जबकि, छह साल रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है।

इंदौर में फरवरी के महीने में बारिश का खास ट्रेंड नहीं रहा है। हालांकि, 2014 और 2015 में हल्की बूंदाबांदी हुई थी। यहां दिन का अधिकतम तापमान सामान्य तौर पर 30 डिग्री से ऊपर रहता है और 2019 में यह 35 डिग्री तक पहुंच गया था। रात में तापमान अक्सर 10 डिग्री से नीचे चला जाता है। ग्वालियर में फरवरी के दौरान कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहा है क्योंकि यहां सीधे उत्तरी हवाएं पहुंचती हैं। 4 फरवरी 2018 को न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। 2019, 2022 और 2023 में भी रात का पारा 3 डिग्री से नीचे रहा था। इस बार फरवरी की शुरुआत में ही यहां बारिश दर्ज की गई है। 

जबलपुर में मौसम अक्सर बदलता रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है। जबकि, रात में न्यूनतम तापमान करीब 11 डिग्री रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी रुझान रहा है और बीते 10 सालों में यहां 6 बार बारिश हो चुकी है। उज्जैन में फरवरी के दौरान गर्मी, ठंड और कभी कभार बारिश तीनों का असर देखने को मिलता है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर और रात में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज होता है। हालांकि, फरवरी में यहां बारिश का ट्रेंड अपेक्षाकृत कम रहा है।

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