भोपाल। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज को नया मुखिया मिल गया है। अध्यक्ष पद के चुनाव में उन्नति पैनल से मैदान में उतरे कांग्रेस नेता गोविंद गोयल ने बाजी मार ली है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी प्रगतिशील पैनल से अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़े तेजकुल पाल सिंह पाली को 191 वोट से शिकस्त दी। गोविंद गोयल को कुल 1085 वोट मिले जबकि पाली को महज 894 वोट से ही संतोष करना पड़ा।

भोपाल चैंबर के त्रैवार्षिक चुनाव को लेकर राजधानी के व्यापारी बीते करीब एक माह से चुनावी चर्चा में लगे हुए थे। यह चुनाव दो बड़े कारोबारियों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न भी बन गया था। इस बार अध्यक्ष पद के लिए गोविंद गोयल के मैदान में उतरने से फाइट तगड़ी हो गई थी। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज चुनाव का मतदान रविवार को हुआ था जिसमें कुल 2000 वोट डाले गए थे। चुनाव के पहले 44 पोस्टल और 39 टेंडर वोट भी डाले गए थे।

गोविंद गोयल और तेजकुल पाल सिंह पाली में सीधा मुकाबला था। दोनों पैनलों ने जमकर चुनाव प्रचार किया। अध्यक्ष सहित पैनलों के सभी प्रमुख प्रत्याशियों ने शहर में व्यापक जनसंपर्क करके माहौल को पूरा चुनावमय बना दिया था। चैंबर के चुनाव रविवार को मानस भवन में सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक हुए। इसके बाद मतपेटियों को सील करके थाने में जमा करवा दिया गया। सोमवार को 10.15 बजे मतपेटियां थाने से निकालकर मानस भवन के हाल में लाई गई। इसके बाद करीब 3 घंटे तक मतपत्रों को छांटने का काम किया गया। इसके बाद वोटों की गिनती की गई।

गोविंद गोयल पहले राउंड की मतगणना शुरू होते ही बढ़त बनाए हुए थे। पहले राउंड में ही उन्हें 363 वोट जबकि पाली को 280 वोट मिले। इसके बाद लगातार गोयल ने बढ़त बनाए रखी और आखिर में 191 वोट से जीत हासिल कर ली। चैंबर के अध्यक्ष रहे प्रगतिशील पैनल के दमदार प्रत्याशी तेजकुल पाल सिंह पाली ने अपना कार्यकाल पूरा होने के 3 माह पहले ही इस्तीफा दे दिया था। उनका आरोप था कि कार्यकारिणी के बाकी मेंबर मीटिंगों में नहीं आते। उनका सहयोग नहीं कर रहे हैं। हालांकि उनके इस्तीफे को लेकर व्यापार जगत ने कहा था कि पाली को चुनाव से पहले इस्तीफा नहीं देना था। पाली बाद में दोबारा चुनाव में उतरे और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

चुनाव में विजयी घोषित होने के बाद गोविंद गोयल ने कहा कि चैंबर और व्यापारिक समुदाय में जातिवाद और वर्गभेद की सोच पनप रही है। इससे हमारी एकता और सामूहिक विकास को खतरा है। एक-दूसरे के सम्मान और सहयोग से ही व्यापारियों की आवाज मजबूत होगी। गोयल ने कहा कि भोपाल को राष्ट्रीय स्तर का लॉजिस्टिक हब बनाने के साथ-साथ थोक फार्मा और मेडिकल ट्रेड का केंद्र विकसित करने का लक्ष्य है। युवा व्यापारियों के लिए स्टार्टअप और नए सेक्टर में निवेश से जुड़े सेमिनार आयोजित करने की योजना भी है।