भोपाल। राजधानी भोपाल के जिला न्यायालय परिसर से न्याय व्यवस्था और अदालतों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सोमवार को 11वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोपी ओसाफ अली खान को कोहेफिजा पुलिस पेशी के लिए कोर्ट लेकर पहुंची थी। इसी दौरान कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों की भीड़ ने आरोपी को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीच बचाव ने आए पुलिसकर्मियों के साथ भी वकीलों ने हाथापाई शुरू कर दी। इस दौरान परिसर में अफरा-तफरी के चलते कुछ समय के लिए कोर्ट का कामकाज भी प्रभावित रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और आरोपी को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी को देखते ही वकीलों का गुस्सा भड़क उठा। आरोप है कि कुछ वकीलों ने आरोपी को पुलिस की हिरासत से छुड़ाने की कोशिश की और उसके साथ खुलेआम हाथापाई की। जहां कानून के तहत फैसले होने चाहिए वहां इस तरह की हिंसा ने न्यायिक मर्यादाओं को तार तार कर दिया है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यदि आरोपी मुस्लिम न होता तो क्या प्रतिक्रिया ऐसी ही होती।
दरअसल, शाहपुरा के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ने वाली 11वीं की छात्रा ने अपने परिवार के साथ कोहेफिजा थाने में ओसाफ के खिलाफ रेप और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला के अनुसार, आरोपी ओसाफ अली खान की पहचान पीड़िता से उसकी सहेली के जरिए हुई थी। आरोपी अक्सर सहेली से मिलने स्कूल के आसपास आता था और इसी दौरान उसकी पहचान पीड़ित छात्रा से हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि बीते साल जुलाई में आरोपी ने छात्रा को भोपाल घुमाने का बहाना बनाकर बुलाया और खानूगांव के एक सुनसान इलाके में ले गया। आरोप है कि वहां कार के अंदर उसने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसे चुप करा दिया। इसी दौरान उसने पीड़िता को बिना बताए उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया था।
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बाद में आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से एक लाख रुपए की मांग की। बदनामी के डर से घबराई छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपए का इंतजाम कर आरोपी को दिए लेकिन इसके बाद भी उसकी मांगें खत्म नहीं हुई। आरोपी बार बार छात्रा पर दोबारा शारीरिक शोषण का दबाव बनाता रहता था। तंग आकर जब छात्रा ने उसे फोन और सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया तो आरोपी ने अलग अलग नंबरों से कॉल कर उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार, जब छात्रा उसकी धमकियों में नहीं आई तो आरोपी ने निजी वीडियो उसके दोस्तों को दिखा दिया। इसके बाद छात्रा ने अपने मौसेरे भाई और कुछ हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उस पर धर्म परिवर्तन और जबरन नमाज व धार्मिक दुआएं पढ़ने का दबाव डालता था।
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शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी ओसाफ अली खान कोल सोमवार को हिरासत में ले लिया था। उसका मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि हो सके। नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने पॉस्को एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। दूसरी ओर जिला कोर्ट परिसर में वकीलों द्वारा की गई मारपीट और अव्यवस्था ने कानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि अदालत परिसर में खुलेआम हिंसा करने वाले वकीलों पर क्या कार्रवाई होगी या इसे दबा दिया जाएगा।