किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना के कार्यालय से जुड़े तीन कर्मचारियों पर ट्रांसफर के बदले रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए जाने के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मंत्री के ओएसडी अशोक कुमार बाथम, निज सहायक दिनेश भकोरिया और स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया को निलंबित कर दिया गया है। खास बात यह है कि जारी निलंबन आदेशों में एक समाचार पत्र में प्रकाशित स्टिंग ऑपरेशन का भी उल्लेख किया गया है।

यह मामला प्रदेश में 1 से 16 जून तक तबादलों पर लगी रोक हटने के दौरान सामने आया था। स्टिंग ऑपरेशन में तीनों कर्मचारियों पर अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों के तबादले कराने के बदले लाखों रुपये की मांग करने के आरोप लगे थे। आरोपों के अनुसार, कृषि विस्तार अधिकारी, नर्स और वन रक्षक के ट्रांसफर के लिए 5 लाख से 15 लाख रुपये तक की डील की बात सामने आई थी।

स्टिंग के दौरान मंत्री के ओएसडी अशोक कुमार बाथम ने अपने सरकारी बंगले पर हुई मुलाकात में कथित कृषि विस्तार अधिकारी का तबादला कराने के लिए 2.50 लाख रुपये नकद देने की मांग की थी। वहीं, स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया पर नर्स के ट्रांसफर के बदले 5 लाख रुपये मांगने और निज सहायक दिनेश भकोरिया पर 3.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा।

कृषि विभाग ने 29 जून को अशोक कुमार बाथम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय सीधी निर्धारित किया। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 जुलाई को दिनेश भकोरिया और अंकित अवधिया के निलंबन के आदेश जारी किए। आदेश के अनुसार, दोनों का मुख्यालय मंत्रालय स्थित सामान्य प्रशासन विभाग (पूल) रखा गया है। सरकार की इस कार्रवाई को ट्रांसफर प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम माना जा रहा है।