नई दिल्ली। लोकसभा में आज बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर देश को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका तय करेगा हम कहां से तेल खरीदेंगे। राहुल गांधी ने इस दौरान एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का भी जिक्र किया।

भारत-यूएस डील को लेकर राहुल गांधी का लोकसभा में आक्रमक रूप देखने को मिला। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी ने देश को अमेरिका के हाथों बेच दिया, मोदी जी को थोड़ा भी शर्म है कि नहीं, उनके आंखों में साफ डर दिखता है, इसलिए वो हमसे नजरें नहीं मिला पाते। राहुल गांधी ने कहा कि अनिल अंबानी को जेल क्यों नहीं हुई? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं जानता हूं कि उनको एपस्टीन से किसने मिलवाया था। हरदीप पुरी भी जानते हैं कि किसने मिलवाया था।

राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया में जियोपॉलिटिकल टकराव बढ़ रहा है। यह युद्ध का दौर है। गाजा, यूक्रेन को देख लीजिए। ऑपरेशन सिंदूर भी चल रहा है। भारत की सभी IT कंपनियां संघर्ष कर रही हैं। अमेरिका और चीन की नजर भारत के डेटा पर है। AI के दौर में डेटा पेट्रोल की तरह है। हमारी सरकार ने बजट में डेटा पर विदेशी कंपनियों को 20 साल का टैक्स हॉलीडे दे दिया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर हम अमेरिका से डील करते तो ट्रम्प से कहते कि आप भारतीयों के डेटा चाहते हैं तो बराबरी पर बात होगी। हम आपके नौकर नहीं हैं। अमेरिका तय नहीं करेगा कि हमें क्या करना है। उन्होंने कहा कि आज डॉलर और ऊर्जा दोनों का इस्तेमाल रणनीतिक हथियार की तरह किया जा रहा है। अमेरिका यदि अपनी सुपरपावर की स्थिति और डॉलर का वैश्विक वर्चस्व बनाए रखना चाहता है, तो उसमें भारतीय डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। राहुल गांधी के अनुसार, भारत का डेटा उसकी बड़ी ताकत है और किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में इसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा कि मार्शल आर्ट की फाउंडेशन ग्रिप से शुरू होती है। लक्ष्य होता है कि ग्रिप मिलने के बाद चोक लेकर गला पकड़ लिया जाए। ऐसा करते समय जब खिलाड़ी के हाथ में चोक आ जाता है, तो ये उसकी आंख में दिख जाता है। उसे समझ आ जाता है कि मैंने इसे पकड़ लिया है। जिसे पकड़ा जाता है, वो 2-3 बार छूटने की कोशिश करता है, लेकिन फिर उसे भी पता चल जाता है- अब मैं गया। बात वहीं खत्म हो जाती है और जिसे पकड़ा जाता है वो टैप कर ‘सरेंडर’ कर देता है। ग्रिप राजनीति में भी होती है। फर्क ये है कि मार्शल आर्ट में ग्रिप नजर आती है, लेकिन राजनीति में किसने-कहां ग्रिप ले रखी है, कौन कहां चोक ले रहा है- वो नजर नहीं आता। राहुल गांधी ने भारत-यूएस डील को लेकर कहा कि हमने अपनी जनता को अमेरिका के हाथों बेच दिया।

इस दौरान राहुल गांधी और अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे जगदंबिका पाल के बीच मजेदार नोकझोंक भी दिखी। दरअसल, जब राहुल गांधी बोल रहे थे तो जगदंबिका पाल को कहा कि आप हमारी पार्टी के पूर्व सदस्य रहे हैं। इसलिए मैं आपको स्पेशल फेवर करूंगा। मैं ज्यादा आक्रामक नहीं रहूंगा। इसपर नाराज होकर जगदंबिका पाल ने कहा कि आप मेरे बारे में बार-बार क्यों बोल रहे हैं। इसपर राहुल ने कहा कि आप हमारी पार्टी के पूर्व सदस्य रहे हैं। मुझे पता है कि आपका दिल हमारी तरफ है।