भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने का लिगामेंट फट गया है। चोपड़ा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चोट की जानकारी साझा की और डॉक्टरों व अपनी टीम से चर्चा के बाद एशियन गेम्स से हटने का फैसला किया। उनका कहना है कि वह जल्दबाजी में वापसी करने के बजाय पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटना चाहते हैं।
नीरज ने बताया कि लॉजेन में सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ समय बाद ट्रेनिंग के दौरान उन्हें टखने में चोट लग गई थी। जांच के बाद लिगामेंट फटने की पुष्टि हुई। चोट के बाद उन्होंने मेडिकल टीम और डॉक्टरों से सलाह ली। जिसके बाद प्रतियोगिता से बाहर रहने का निर्णय लिया गया।
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चोपड़ा ने अपनी पोस्ट में चोट को लेकर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें लग रहा था कि वह अपनी पुरानी लय के करीब पहुंच रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इसे खेल यात्रा का हिस्सा बताते हुए अब अपना पूरा ध्यान रिहैबिलिटेशन पर लगाने की बात कही है। उनका लक्ष्य पूरी तरह रिकवरी करने के बाद पहले से ज्यादा मजबूत होकर वापसी करना है।
नीरज चोपड़ा के लिए एशियन गेम्स से बाहर होना इसलिए भी बड़ा झटका है क्योंकि वह इस प्रतियोगिता में दो बार भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उन्होंने साल 2018 में जकार्ता और 2023 में हांगझोऊ एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। ऐसे में इस बार उनका खिताब बचाने के लिए मैदान में नहीं उतरना भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। नीरज ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सबसे बड़ी एथलेटिक्स उम्मीदों में शामिल रहे हैं।
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हाल ही में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी नीरज चोपड़ा से स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, वह गोल्ड हासिल नहीं कर सके थे। श्रीलंका के रुमेश थरांगा ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया था। जबकि, नीरज ने 85.83 मीटर की दूरी तय कर सिल्वर मेडल जीता था। अब चोट के चलते नीरज का अगला लक्ष्य प्रतियोगिताओं में जल्द वापसी करने के बजाय पूरी तरह स्वस्थ होना है। मेडिकल टीम की निगरानी में उनका रिहैबिलिटेशन होगा ताकि वह फिटनेस हासिल करने के बाद मजबूत वापसी कर सकें।