भोपाल। राज्यसभा सांसद व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश कुमार निर्वचन आयुक्त रहते राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कैसे रह सकते हैं। सिंह ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की है।

दरअसल, राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरुद्ध भोपाल में कांग्रेस द्वारा चरखा सत्याग्रह किया जा रहा है। सत्याग्रह स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा चरखा चलाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर आयोजित इस "लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह" में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए। 

इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए सिंह ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सवाल उठाए हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि देशभर के लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा से चंदा दिया था। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य भी बताए जाते हैं। सिंह ने सवाल उठाया कि यदि ऐसा है तो मुख्य चुनाव आयुक्त रहते हुए किसी ट्रस्ट की सदस्यता कैसे संभव है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से इस विषय पर भी स्पष्टीकरण की मांग की है।

इससे पहले बुधवार को भी दिग्विजय सिंह ने सीहोर दौरे के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रजिस्ट्रेशन और उसकी काम करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में RSS के साथ-साथ राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी निशाना साधा था। 

दिग्विजय सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी समिति या संगठन के लिए रजिस्ट्रेशन, सदस्य बनाना और बैंक खाता होना जरूरी होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS का कोई आधिकारिक रजिस्ट्रेशन नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संगठन रजिस्टर्ड ही नहीं है, तो उसमें आने वाला पैसा कौन संभालता है और वह पैसा कहां जाता है। उन्होंने इसकी उच्च स्तर पर जांच की मांग की थी।