भिलाई। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर ED की एंट्री हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के PA रहे केके चंद्रवंशी के घर छापेमारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये छापेमारी CGPSC घोटाले से जुड़ी है। राज्य में ED ने कुल 7 जगहों पर रेड की है। दुर्ग में दो ठिकानों पर जांच चल रही है। इनमें पूर्व CM भूपेश बघेल के PA रहे केके चंद्रवंशी और पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के घर शामिल हैं।
भिलाई में केके चंद्रवंशी के घर ED की टीम सुबह करीब 6 बजे 2-3 गाड़ियों से पहुंची। टीम दस्तावेजों और दूसरे जरूरी सामान की जांच कर रही है। घर के बाहर पुलिस बल भी तैनात है। वहीं, दुर्ग के सिकोला भाठा की बंगाली कॉलोनी स्थित कमलेश राजपूत के घर पर भी सुबह से जांच जारी है। पटवारी संघ के प्रदेश पदाधिकारी रह चुके राजपूत के घर ED के करीब 8 अधिकारी दो गाड़ियों से पहुंचे हैं।
जांच में राजपूत के परिवार के सदस्यों की सरकारी पदों पर नियुक्तियों से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। उनकी दो बेटियां पटवारी, एक बेटी उपपंजीयक और बेटा नायब तहसीलदार हैं। फिलहाल ED की ओर से कार्रवाई को लेकर डिटेल जानकारी सामने नहीं आई है।
यह कार्रवाई पूर्व CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की 25 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद हो रही है। सोनवानी को परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़े केस में गिरफ्तार किया गया था।
जांच 2020 और 2021 में CGPSC की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और गड़बड़ी के आरोपों से जुड़ी है। ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच 2024 में CBI की ओर से दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी।
ED का आरोप है कि सोनवानी ने अवैध तरीके से प्रश्नपत्र लीक कराने और चयन प्रक्रिया में हेरफेर करने में मदद की। इसके बदले रिश्वत ली गई और इसका फायदा उनके रिश्तेदारों और पैसे देने वाले उम्मीदवारों को मिला।