मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मच गया है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। शेयर बाजार में आज यानी 11 मई को गिरावट है।
सेंसेक्स करीब 1,000 अंक की गिरावट के साथ 76,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 300 अंक से ज्यादा की गिरावट है, ये 23,900 पर कारोबार कर दरहा है। आज ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। इस गिरावट से एक ही झटके में निवेशकों के चार लाख करोड़ रुपए डूब गए।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सभी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑटो, निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स में करीब 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। तेल की कीमतों में तेजी और बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर सबसे ज्यादा ऑटो और ऑयल से जुड़े शेयरों पर दिखाई दिया।
निफ्टी के टॉप लूजर्स में टाइटन, इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, श्रीराम फाइनेंस, इटरनल, मारुति सुजुकी, बजाज ऑटो, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, HDFC लाइफ, आयशर मोटर्स और डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज शामिल हैं। बता दें कि इससे पहले 8 मई को भी शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 516 अंक की गिरावट के साथ 77,328 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 150 अंकों की गिरावट रही, ये 24,176 पर बंद हुआ था।