इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के धार रोड स्थित डीयू ड्रॉप एरिगेशन नाम की प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसका काला धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचीं और राहत बचाव कार्य शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए पोकलेन मशीन और फायर फाइटिंग रोबोट की भी मदद ली गई। वहीं, सांवेर रोड के एफ सेक्टर स्थित एक अन्य फैक्ट्री में भी आग लगने की सूचना सामने आई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे फैक्ट्री परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया था। जिसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। प्लास्टिक का दाना बड़ी मात्रा में मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। दमकल विभाग की 6 से 7 गाड़ियां लगातार आग बुझाने में लगी थी। दमकल विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए करीब 35 टैंकर पानी का इस्तेमाल किया।
यह भी पढ़ें:MP में गर्मी का कहर, भोपाल में पिघला सड़क का डामर, 37 जिलों में लू का अलर्ट
आरआरकैट के डिप्टी फायर ऑफिसर अजय कुमार ने बताया कि आग काफी बड़े हिस्से में फैली हुई है और इलाके में पर्याप्त पानी का स्रोत नहीं होने से दिक्कतें आई। उन्होंने कहा कि दूसरे स्थानों से पानी के टैंकर बुलाकर दमकल वाहनों को लगातार भरा जा रहा है ताकि आग बुझाने का काम जारी रखा जा सके। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंहल भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
दमकल कर्मियों के मुताबिक, फैक्ट्री के अंदर सीधे प्रवेश करना फिलहाल संभव नहीं है। फैक्ट्री परिसर में टीन शेड लगा हुआ था जिसे हटाकर अंदर तक पानी पहुंचाने की कोशिश की गई। मलबा हटाने के लिए पोकलेन मशीन लगाई गई। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने में दो से तीन घंटे लगे।
यह भी पढ़ें:हीटवेव के बीच राहत के संकेत, 26 मई तक केरल पहुंच सकता है मानसून
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आसपास का इलाका खाली करा दिया है। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। शुरुआती जानकारी में फैक्ट्री में रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, अब तक किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
फैक्ट्री संचालक मोहम्मद जावेद कुरैशी ने बताया कि अमावस्या होने की वजह से शनिवार को मजदूर काम पर नहीं आए थे जिससे बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में सामान्य दिनों में 30 से 35 कर्मचारी काम करते हैं और यहां दिन और रात दोनों शिफ्ट चलती हैं।
यह भी पढ़ें:उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को SC का झटका, दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश रद्द किया
मोहम्मद जावेद के अनुसार, फैक्ट्री परिसर में लगी डीपी में शॉर्ट सर्किट होने के बाद आग भड़की और कुछ ही देर में पूरी यूनिट इसकी चपेट में आ गई। प्लास्टिक सामग्री होने के कारण लपटें तेजी से फैल गई। श्रीराम तरावली गांव के सरपंच जितेंद्र चौधरी ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण भी मदद के लिए पहुंच गए थे और गांव के ट्यूबवेल से पानी भेजकर राहत कार्य में सहयोग किया गया।